चिदंबरम ने नक्सलियों के शांति प्रस्ताव को विचित्र बताया
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने मंगलवार को कहा कि नक्सलियों का शांति प्रस्ताव विचित्र है क्योंकि संघर्ष विराम के प्रस्ताव के चंद घंटे बाद से ही वे लगातार हिंसा में लिप्त हैं।
चिदंबरम ने नक्सली नेता किशनजी के 72 घंटे के संघर्ष विराम प्रस्ताव के बारे में संवाददाताओं को बताया, "यह कुछ विचित्र प्रस्ताव था।"
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य किशनजी ने पिछले सोमवार को राज्य व केंद्र सरकार से कहा था कि वह 25 फरवरी से सात मई तक आतंक निरोधी अभियान रोक दे और जनजातीय इलाकों के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करे। नक्सली इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे।
सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और इसके बदले गृह मंत्री ने नक्सलियों से हिंसा छोड़ने और 'किंतु-परंतु' के बगैर बातचीत के लिए आगे आने को कहा था।
चिदंबरम ने कहा, "मैं भाकपा (माओवादी) के तथाकथित प्रस्ताव को विचित्र मानता हूं। क्योंकि इस तथाकथित प्रस्ताव के मुश्किल से तीन घंटे बाद ही भाकपा (माओवादी) ने पश्चिम बंगाल पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त गश्त पर लालगढ़ में हमला किया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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