अंधविश्वास के चलते रायगढ़ में दर्जनों परिवार नहीं खेलते होली
जिले के हट्टापली, मौहापाली, परधियापाली, अमलीपाली, मंजूरपाली, छीनपेतरा और जगदीशपुर गांवों के 2,200 महिला व पुरुष होली खेलने के लिए उत्सुक हैं, परन्तु उन्हें अंधविश्वास के आगे झुकना पड़ता है। ग्रामीणों को लगता है कि अगर उन्होंने खुद के बनाए इस परंपरा को तोड़ा तो बाघ उन पर हमला कर देंगे।
सत्तर वर्षीय धोबाराम निशाद ने आईएएनएस को बताया,"नई पीढ़ी होली के रंग में सराबोर होने के लिए बेहद उत्सुक दिखती है, लेकिन लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर गांव के वरिष्ठ लोग 100 वर्ष पुरानी इस परंपरा को कायम रखने पर जोर देते हैं।"
हट्टापली गांव के रहने वाले निशाद ने बताया, "जब गांव के लोगों ने 100 वर्ष पहले अंतिम बार होली खेली थी, तब यह अफवाह फैली कि रात के दौरान बाघों ने गांव पर धावा बोला और कई लोगों को मारकर खा गए। तब से इस गांव के अलावा छह अन्य गावों ने भी होली मनानी छोड़ दी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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