'समग्र वार्ता का समय अभी नहीं आया'

भारत ने पाकिस्तान को तीन और दस्तावेज़ भी सौंपे हैं जिनमें से एक में मुंबई हमलों में शामिल कुछ लोगों के बारे में सबूत हैं, दूसरे में चरमपंथी इलियास कश्मीरी की तरफ़ से जारी धमकी का ब्योरा है और तीसरे में उन भगोड़ों को भारत को सौंपने की मांग की गई है जो पाकिस्तान में छिपे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि भगोड़ों से संबंधित दस्तावेज़ में कुछ और नए नाम भी शामिल हुए हैं. उनका कहना था कि बातचीत में भारत ने पाकिस्तानी ज़मीन से भारत के खिलाफ़ चल रहे आतंकवाद पर ज़ोर दिया वहीं पाकिस्तान ने बलोचिस्तान, कश्मीर और सिंधु नदी के पानी का भी मामला उठाया.
उनका कहना था, कश्मीर पर उनका रूख़ वही था जो अबतक रहा है और बलोचिस्तान पर हमने उनसे स्पष्ट कर दिया कि उनके आरोप निराधार हैं." भारतीय विदेश सचिव का कहना था कि इसमें कोई शक नहीं है कि दोनों ही देशों में एक दूसरे के प्रति विश्वास की कमी है और मुंबई हमलों से पहले चल रही समग्र वार्ता भले ही कामयाब रही हो लेकिन अभी उसे शुरू करने का समय नहीं आया है.
उनका कहना था, हमने विश्वास की खाई को कम करने के लिए पहला कदम उठाया है, हम संपर्क में रहेंगे और हमारी कोशिश होगी हर एक कदम के साथ दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने की."" उन्होंने कहा कि अगली बातचीत की कोई तारीख़ तय नहीं हुई है लेकिन पाकिस्तानी विदेश सचिव ने उन्हें भारत आने का न्यौता दिया है.












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