आर्थिक सर्वेक्षण : विकास दर उत्साहजनक, महंगाई पर चिंता (लीड-1)
सर्वेक्षण में कहा गया है, "यह पूरी तरह संभव है कि देश की विकास दर दहाई अंक में पहुंच जाए। यहां तक की अगले चार वर्ष में इसके दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।"
लोकसभा में सर्वेक्षण पेश करते हुए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "वर्तमान में आपूर्ति दबाव के कारण मुद्रास्फीति की दर में वृद्धि हुई है।"
बढ़ती महंगाई को रोकने के सरकार के तरीकों की परोक्ष तौर आलोचना करते हुए सर्वेक्षण में कहा गया कि कुछ ऐसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को भी हवा दी जा सकती है जिनका पर्याप्त भंडार है।
सर्वेक्षण के अनुसार बेमेल आपूर्ति से निपटने के लिए विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त और समय से इन सामानों की आपूर्ति वास्तविक चुनौती है।
देश की अर्थव्यवस्था के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार दिसंबर 2008 के बाद दिए गए 37 अरब डॉलर के वित्तीय प्रोत्साहनों की क्रमिक वापसी से वैश्विक मंदी के दुष्प्रभावों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
सर्वेक्षण में निर्यात क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता भी जताई गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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