म.प्र. में घाटे के बजट में सड़क, शिक्षा और कृषि पर जोर (लीड-1)
राघवजी के 51,507 हजार करोड़ रूपए का बजट पेश कर एलान किया है कि आगामी कृषि वर्ष से किसानों को तीन प्रतिशत की दर से सहकारी बैंको से अल्पकालीन कर्ज मिलेगा और गेहूं के समर्थन मूल्य पर 100 रुपये का बोनस दिया जाएगा।
बजट में अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री सड़क योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना शुरू की गई है जिसके जरिए 500 से कम और आदिवासी क्षेत्रों में से 250 से कम आबादी के गांवो को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा। भोपाल व इंदौर में यातायात के बढ़ते दबाव से निपटने के लिए रेपिड मास ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए सर्वे कराया जाएगा।
राज्य की शिक्षा में सुधार लाने के लिए 14 नए कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिले में कम से कम एक पॉलीटेक्निक कॉलेज शुरू करने के क्रम में पहले नौ जिलों में पॉलीटेक्निक कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। महिला साक्षरता दर में 20 प्रतिशत की वृद्घि के लिए प्रथम चरण में 14 जिलों में साक्षर भारत योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इसी तरह प्रतिभावान छात्रों को उच्च शिक्षा में आने वाली आर्थिक कठिनाइयों से निजात दिलाने के लिए मां सरस्वती उच्च शिक्षा बैंक ऋण गारंटी योजना प्रारंभ की गई है। इसके अतिरिक्त डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी छात्रवृत्ति योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत तीन लाख से कम की वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चे लाभान्वित होंगे। 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में मध्यान्ह भोजन योजना का योगदान रहा है। इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए प्राथमिक पाठशालाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन 70 प्रतिशत व माध्यमिक पाठशालाओं में 100 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए 1878 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोग निदान सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए 10 क्षेत्रीय नैदानिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों के लिए राष्ट्रीय बीमा योजना शुरू की जा रही है। प्रथम चरण में प्रदेश के 10 जिलों में इस योजना को लागू किया जाएगा।
राज्य की कानून एवं व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस बल में 1500 और विशेष शाखा में 331 पद निर्मित किए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के माध्यम से हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रारंभ करने का प्रस्ताव है। विद्युत उत्पादन क्षमता में 400 मेगावाट का इजाफा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
महंगाई के मद्देनजर खाद्यान्न, दलहन, आटा, दाल, नमक, गुड़, शक्कर, कपड़ा आदि को वैटमुक्त रखा गया है। इसी तरह ऑटोमोबाइल उद्योग को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए इन इकाइयों के उपयोग में आने वाले लोहा एवं इस्पात पर से वैट दो प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। उपभोक्ताओं से वैट की वसूली कर उसे नि:शुल्क सरकारी खजाने में जमा कराने वाले व्यापारियों के परिवारों को उनकी असामयिक मृत्यु की स्थिति में राहत देने के लिए व्यवसासी राहत योजना शुरू की जाएगी।
दूसरी ओर घरेलू एवं वाणिज्यिक उपयोग के विद्युत उपकरण, सिनेमेटोग्रॉफिक उपकरण, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, रंगीन टीवी, इलेक्ट्रानिक खिलौने व उपकरण, क्राकरी कटलरी, टॉफी, चॉकलेट तथा आइस जेली , फोटेाकापी मशीन, मार्बल, पेंट आदि पर प्रवेश कर एक प्रतिशत से बढ़ाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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