नौकरशाही नीति निर्देशित नहीं कर सकती : जयराम रमेश
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश और जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन के बीच जिस लड़ाई के कारण सरन को अपना पद छोड़ना पड़ा है, वह लड़ाई बुधवार को खुल कर सामने आ गई। रमेश ने कहा कि नौकरशाही नीति निर्देशित नहीं कर सकती।
रमेश ने कहा कि श्याम सरन के साथ उनका कोई मतभेद नहीं है। लेकिन सरन ने देश की जलवायु परिवर्तन नीति पर रमेश के साथ असहमति के कारण ही अपना पद छोड़ा है।
इंडियन वूमेन्स प्रेस कॉर्प्स में यहां एक बातचीत के दौरान रमेश ने कहा, "मैं नहीं समझता कि हमारे बीच कोई मतभेद है। मूल रूप से यह काम करने की अपनी शैली है और यह भी कि कोई किसी समस्या को किस रूप में लेता है। लेकिन मैं साफ कहता हूं कि उनके इस्तीफे के निर्णय से मेरा कुछ भी लेना-देना नहीं है।"
सरन ने 19 फरवरी को अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। खबरों के मुताबिक सरन ने यह निर्णय जलवायु परिवर्तन वार्ता पर रमेश के साथ पैदा हुए मतभेदों के कारण लिया।
रमेश ने कहा, "हमने मिल कर काम करने की कोशिश की लेकिन हमारी कार्यशैली, समझ और बारीकियों में भेद हैं। मैं एक राजनीतिक व्यक्ति हूं और वह एक नौकरशाह हैं।"
रमेश ने कहा कि वह संसद के प्रति जवाबदेह हैं और उन्हें उनके निर्णयों के बारे में संसद में जवाब देने जाना पड़ता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications