महंगाई पर हंगामा, दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित (लीड-1)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई दलों ने महंगाई के मुद्दे पर लोकसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव जबकि राज्यसभा में प्रश्नकाल स्थगित किए जाने और महंगाई पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था।
सरकार की ओर से मंगलवार को लोकसभा के कामकाज की जो सूची जारी की गई उसमें इस विषय को शामिल नहीं किया गया। विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का बतौर नेता प्रतिपक्ष सदन से परिचय कराए जाने के बाद सुषमा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई के मुद्दे पर सरकार सो रही है इसलिए हम कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने को मजबूर हुए हैं। हमारे प्रस्ताव को कृपया स्वीकार किया जाए। हम चाहते हैं कि सदन चले लेकिन सबसे पहले महंगाई पर चर्चा होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "जनता त्रस्त है महंगाई से। हम इस विषय पर प्राथमिकता के साथ बहस चाहते हैं। सभी विधायी कार्य बाद में होंगे। महंगाई सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।"
इसके बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी महंगाई के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। इस बीच, अन्य विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ते देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 तक स्थगित कर दी।
दोपहर बाद जब सदन दोबारा बैठा तो लोकसभा अध्यक्ष ने पहले विधायी कामकाज निपटाए। इसके तत्काल बाद विपक्षी सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन सदस्यों पर इसका कोई असर न होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के कड़े विरोध के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष ने कहा कि बढ़ती कीमतों पर विपक्ष की ओर से दिए गए नोटिस के 'मूल प्रस्ताव' के रूप में चर्चा होनी चाहिए।
राज्यसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई सदन में विपक्ष के नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अरुण जेटली ने खड़े होकर कहा कि उनके दो प्रस्ताव हैं : पहला प्रश्नकाल को स्थगित करना और दूसरा महंगाई पर नियम 167 और 168 के तहत चर्चा कराना। इन नियमों के तहत चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान है।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि चर्चा के बारे में आम सहमति है लेकिन उसकी प्रक्रिया पर सहमति नहीं है।
संसदीय कार्य राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हस्तक्षेप का प्रयास किया लेकिन शोरगुल के कारण उन्हें बैठना पड़ा। इसके बाद अंसारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा आरंभ हुई तो राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान ने पहले विधायी कामाकाज निपटाए। इसके तत्काल बाद विपक्षी सदस्यों ने महंगाई के मुद्दे पर फिर से हंगामा आरंभ कर दिया। हंगामा बढ़ते देख उपसभापति ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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