सर्वाइकल कैंसर को समझने में मददगार हो सकती हैं डॉल्फिन
शोधकर्ताओं का कहना है कि डॉल्फिन जैसे समुद्री स्तनपायी जीव का इंसान से नजदीकी संबंधी हैं लेकिन इन जीवों में संक्रामक रोग खासकर वायरस के संक्रमण से होने वाले रोगों की वैज्ञानिक जानकारी सीमित है।
यूनीवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा (यूएफ) के कॉलेज ऑफ वेटरनरी मेडीसिन के अध्ययकर्ता हेन्ड्रिक नोलेंस कहते हैं, "हमें पता चला है कि डॉल्फिंस में पैपिलोमा वायरसों के कई संक्रमण होते हैं और यह वायरस महिलाओं में होने वाले सर्विकल कैंसर से संबद्धता के लिए जाना जाता है।"
उनका कहना है कि मानव के अलावा डॉल्फिन अकेले ऐसे स्तनपायी है जिनमें जननांगों की त्वचा में पैपिलोमावायरस के कई संक्रमण होते हैं।
नोलेन्स के मुताबिक करीब 100 प्रकार के मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी)होते हैं और मानव में इनका कई प्रकार का संक्रमण होता है।
कुछ पैपिलोमा वायरस समुद्र और भूमि के बीच की सीमा को तोड़ देते हैं और इनका संक्रमण समुद्री जीवों से लेकर भूमि पर रहने वाले जीवों में भी हो सकता है।
अध्ययकर्ता का कहना है, "यदि यह पता लगा लिया गया कि मानव में इस वायरस से बीमारी होती है लेकिन डॉल्फिन में यह बीमारी क्यों नहीं होती तो मनुष्यों में इस बीमारी की रोकथाम में मदद मिल सकती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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