कमरे में 30 घंटों से बंद है युवक
लखनऊ, 19 फरवरी(आईएएनएस)। मानसिक रूप से विक्षिप्त एक युवक ने 30 घंटे से भी ज्यादा समय से लखनऊ में एक कमरे में खुद को बंद कर रखा है और निरंतर फायरिंग भी कर रहा है। स्थानीय प्रशासन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे सुरक्षित बाहर निकालने में अब तक विफल रहा है।
पुलिस के अनुसार लखनऊ के बाहरी इलाके बक्शी का तालाब में शब्बीर अहमद के 27 वर्षीय पुत्र शमीम उर्फ राजू ने बुधवार देर रात से खुद को घर की दूसरी मंजिल के एक कमरे में खुद को बंद कर रखा है। शुक्रवार सुबह तक परिजनों, दोस्तों और पुलिस जिस किसी भी ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, शमीम ने उस गोलियां चलाईं। पिता की लाइसेंसी बंदूक लेकर कमरे में घुसा शमीम अब तक पंद्रह राउंड गोलियां चला चुका है। उसकी गोलियों से दो पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं।
लखनऊ के पुलिस प्रमुख राजीव कृष्णा ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि शमीम मानसिक रूप से विक्षिप्त है। उसको इस बात का 'फोबिया' हो गया कि हर कोई उसे नुकसान पहुंचाना चाहता है। उन्होंने बताया कि एक बार पहले भी वह इस तरह का कदम उठा चुका है।
पुलिस ने शमीम पर काबू पाने के लिए उसे नींद की गोलियां मिलाकर भोजन देने का प्रयास किया जिससे वह सो जाए और उसे बाहर निकाल लिया जाए, यह कोशिश नाकाम रही। आखिरी बार उसने रात सवा एक बजे फायर किया था। सुबह करीब नौ बजे के आसपास जिस कमरे में उसने अपने आप को बंद कर रखा है, उससे धुआं निकलता देखा गया।
कृष्णा ने कहा कि धुआं निकलता देखने के बाद तत्काल दमकल की गाड़ी बुलाई गई। धुआं निकलने के कारणों की सही पता नहीं चल पाया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसने कमरे के अंदर बिस्तरों में आग लगा दी है। पुलिस उसकी गोलियां खत्म होने का इंतजार कर रही है। गोलियां खत्म होने के बाद उसे दरवाजा तोड़कर बाहर निकलने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि शमीम लखनऊ विश्वविद्यालय का मेधावी छात्र रह चुका है। वह सिविल सेवा में अपना भविष्य सवांरना चाहता था, लेकिन घरवाले उस पर अध्यापक बनने का दबाव डाल रहे थे। पिछले कुछ समय से वह अवसाद से गुजर रहा था। फिलहाल वह गाजियाबाद के संस्थान से बीएड कर रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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