सूरत में दुष्कर्म मामले में 3 को उम्रकैद
दोषियों को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि सजा कठोर तथा अपराध के आधार पर मिलनी चाहिए।
मुख्य जिला सत्र न्यायाधीश आर.पी. दुलारिया ने उनमें से प्रत्येक पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
न्यायाधीश ने कहा, "सजा एक मानक के तौर पर और अपराध के अनुरुप होनी चाहिए। इस तरह की सजा देकर एक ऐसा मानक स्थापित करना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह का अपराध करने वाले भयभीत हो सकें।" अदालत ने यह माना कि तीनों ने सुनवाई के दौरान कभी भी पश्चाताप नहीं दिखाया।
गौरतलब है कि शाहिद सैयद (22) तारिक सैयद (21) और अबू बक्र (33) पर वर्ष 2009 में 12 जून की शाम को कक्षा 12 की एक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। छात्रा के साथ उस समय दुष्कर्म किया गया था जब वह ट्यूशन पढ़ने जा रही थी। छात्रा को ब्लैकमेल करने के लिए दुष्कर्म की वीडियो फिल्म भी बनाई गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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