दुबई को '11 यूरोपीय एजेंटों' की तलाश

दुबई पुलिस ने ‘यूरोपीय पासपोर्ट वाले 11 एजेंटों’ के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है जो कथित रूप से हमास के एक नेता की हत्या में शामिल हैं.
फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के एक वरिष्ठ नेता महमूद अल मबहूह की हत्या 20 जनवरी को दुबई के एक होटल के कमरे में कर दी गई थी.
हमास का कहना है कि वो संगठन के लिए हथियार खरीदने दुबई गए थे जहां इसरायली एजेंटों ने उनकी हत्या कर दी.
दुबई पुलिस प्रमुख का कहना है कि संदिग्धों में से छह के पास ब्रितानी पासपोर्ट थे, तीन के पास आयरलैंड के, एक के पास फ़्रांस और एक के पास जर्मनी का पासपोर्ट था.
उनका कहना है कि इस गुट में एक महिला भी शामिल थी जिसके पास आयरलैंड का पासपोर्ट था.
ब्रिटेन और आयरलैंड के विदेश विभाग ने कहा है कि वो मामले की जांच कर रहे हैं.
दुबई में अधिकारियों का कहना है कि ये एक पेशेवर गुट था जिसे किसी विदेशी ताक़त ने इस अभियान को अंजाम देने के लिए भेजा था.
उन्हें शक कि ये एजेंट नकली दस्तावेज़ लेकर आए थे.
पुलिस प्रमुख ने होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में क़ैद इन एजेंटों का फ़ुटेज भी दिखाया है जिसमें एक जगह लगता है जैसे ये लोग नकली दाढ़ी और विग लगाए हुए हैं.
दुबई के एक वरिष्ठ अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल धफ़ी ख़लफान तमीम का कहना था, हम इसमें मोसाड (इसरायली ख़ुफ़िया एजेंसी) का हाथ होने की संभावना से इंकार नहीं कर रहे लेकिन जब हम इन संदिग्धों को गिरफ़्तार करेंगे तभी जान पाएंगे कि इसके पीछे कौन था.’’
पिछले महीने आई रिपोर्टों के अनुसार महमूद अल मबहूह को बिजली का करंट लगाकर और दम घोंटकर मारा गया था.
अधिकारियों का कहना है कि ये एजेंट सीरिया से ही मबहूह का पीछा करते हुए दुबई आए थे जहां वो छिपने के लिए अलग अलग होटलों में चले गए.
मबहूह 1989 से ही सीरिया में रह रहे थे.












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