नौकरशाह नहीं करेंगे मंत्रियों का मूल्यांकन: प्रधानमंत्री कार्यालय
पीएमओ से जारी बयान में कहा गया, "यह तार्किक रूप से सत्य नहीं है कि सेवारत अधिकारी मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन करेंगे। प्रधानमंत्री के आदेश में साफ है कि पूरी प्रक्रिया का संचालन मंत्रियों द्वारा होगा।"
यह स्पष्टीकरण मीडिया में आई उन खबरों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि सरकार ने कामकाज निगरानी प्रणाली (पीएमईएस) विकसित की है, जिसके तहत मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन नौकरशाह करेंगे।
बयान में यह भी कहा गया, "यह भी सत्य नहीं है कि रिजल्ट-फ्रेमवर्क डॉक्यूमेंट (आरएफडी) पर मंत्री और सचिव दोनों के हस्ताक्षर की जरूरत होगी।"
इस साल के शुरुआत से मंत्रियों को संबंधित विभागों की प्राथमिकता और वितरण संबंधी बातों को तय करने का विशेषाधिकार प्राप्त है। इसके लिए प्रधानमंत्री से आदेश की जरूरत नहीं होगी।
मंत्रियों द्वारा एकबार प्राथमिकता, दिशा और वितरण संबंधी बातों को तय कर दिए जाने के बाद लक्ष्य हासिल करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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