मुल्क की आजादी के लिए लड़े थे शाहरुख के पिता
नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। स्वतंत्रता सेनानी त्रिलोचन सिंह (83) का कहना है कि शिवसेना को यह कहने का अधिकार नहीं है कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को पाकिस्तान चले जाना चाहिए क्योंकि शाहरुख के पिता ताज मोहम्मद मीर स्वतंत्रता सेनानी थे।
सिंह ने आईएएनएस से कहा कि ताज मोहम्मद ने 'भारत छोड़ो' आंदोलन में हिस्सा लिया था और बंटवारे के दौरान पेशावर के बदले दिल्ली में रहना मुनासिब समझा था। उन्होंने कहा, "यह विडंबना और दुख की बात है कि जिस शिवसेना ने जंग-ए आजादी के लिए कुछ नहीं किया, वह शाहरुख से जाने को कह रहे हैं।"
आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में सिंह ने कहा, "यहां महत्वपूर्ण यह है कि हम हिंदू थे और हमने पाकिस्तान को छोड़ा लेकिन वहां एक मुस्लिम भी था, जिसने भारत को चुना। आखिर शिवसेना शाहरुख को पाकिस्तान जाने के लिए कैसे कह सकती है, जिसके पूरे परिवार ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया था।"
सिंह ने कहा, "मैं और ताज मोहम्मद पेशावर से हैं। हमने 'भारत छोड़ो' आंदोलन में हिस्सा लिया था। ताज मोहम्मद के बड़े भाई गुलाम मोहम्मद गामा भी स्वतंत्रता सेनानी थे।"
कांग्रेस सदस्य सिंह ने कहा कि वह और ताज मोहम्मद करीब-करीब समान उम्र के थे । वह और ताज मोहम्मद साथ-साथ जेल भी गए थे। उन्होंने कहा, "दसवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं लाहौर आ गया था और यहीं भारत छोड़ो आंदोलन से वाकिफ हुआ।"
सिंह ने कहा कि आजादी के बाद शाहरुख के पिता चंद मुस्लिमों में एक थे, जिन्होंने भारत में रहना मुनासिब समझा। उन्होंने कहा, "शिवसेना और बाल ठाकरे का स्वतंत्रता संग्राम से कोई संबंध नहीं रहा है और वे शाहरुख को पाकिस्तान जाने की सलाह दे रहे हैं। यह शर्मनाक बात है। वे ऐसी बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि शाहरुख मुस्लिम हैं। "
कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी नजदीकी रहे सिंह अब राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अधिक रूचि रखते हैं। वह हैरिटेज सोसाइटी ऑफ इंडिया के सचिव हैं और साथ ही डाक्टर श्रॉफ चैरिटी आई हॉस्पीटल के अध्यक्ष भी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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