बीटी बैंगन का अधिकतर मुख्यमंत्रियों ने विरोध किया : जयराम रमेश

रमेश जेनेटिकली इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी (जीईएसी) की सिफारिश पर नई दिल्ली में 10 फरवरी को अपने निर्णय की घोषणा करने वाले हैं।

बीटी बैंगन के इस विवादित मुद्दे पर चार घंटे तक चली गरमागर्म चर्चा के बाद रमेश ने आईएएनएस को शनिवार को बताया, "अधिकतर मुख्यमंत्रियों ने इस मुद्दे पर मुझे पत्र लिख कर बीटी बैंगन की खेती को मंजूरी दिए जाने का विरोध किया है।"

जिन राज्यों ने बीटी बैंगन का विरोध किया है, उनमें पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

रमेश ने कहा, "मुझे बैंगन की खेती करने वाले प्रमुख राज्यों की प्रतिक्रिया प्राप्त हो गई है। लगभग देश का 60 प्रतिशत बैंगन पश्चिम बंगाल (30 प्रतिशत), उड़ीसा (20 प्रतिशत) और बिहार (10 प्रतिशत) में पैदा होता है। इन सभी राज्यों ने बीटी बैंगन का विरोध किया है।"

भारत प्रति वर्ष लगभग 80 लाख टन बैंगन का उत्पादन करता है। इनमें 2,400 बैंगन की किस्में शामिल हैं। इसमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की सामूहिक हिस्सेदारी 20 प्रतिशत बैंगन पैदा करने की है।

रमेश ने कहा, "यद्यपि तमिलनाडु की ओर से आधिकारिक रूप से कोई प्रतिक्रया मैंने नहीं सुनी है, लेकिन राज्य के मुख्य सचिव ने मुझे फोन पर बताया कि तमिलनाडु भी बीटी बैंगन की खेती के खिलाफ है।" रमेश ने कहा कि महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है।

रमेश ने कर्नाटक के किसानों, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, उपभोक्ताओं, नागरिक समुदायों और गैर सरकारी संगठनों के साथ यहां हुई गरमागर्म बहस के बाद कहा, "मैं इस मामले से संबंधित मंत्री हूं। मुझे तय करना है कि बीटी बैंगन की खेती को अनुमति देनी है या नहीं।"

रमेश ने कहा कि उन्हें एक बीच का रास्ता चुनना है क्योंकि वह स्वभाव से चरमवादी नहीं हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+