'कानून सुधार रिपोर्ट को दबा कर बैठी हुई है केरल सरकार'
अय्यर ने एक टीवी चैनल को यहां शनिवार को बताया, "मैं अपमानित महसूस करता हूं, क्योंकि मैंने कई सारे सुधारों के बारे में सुझाया था और उस काम के लिए मैंने एक पैसा नहीं लिया था।"
उस कानून सुधार आयोग के अध्यक्ष रहे अय्यर इसलिए नाराज हैं, क्योंकि कानून मंत्रालय उनके द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पर अभी तक कुछ भी नहीं कर पाया है। इस रिपोर्ट में मुसलमानों की शादी की परंपराओं, मंदिरों में गैर ब्राह्मण पुजारियों की नियुक्ति और चर्चो की संपत्तियों से संबंधित लीक से हटकर सुधारों के सुझाव दिए गए हैं।
अय्यर को यह रिपोर्ट सौंपे एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। अय्यर से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद कानून मंत्री एम.विजयकुमार ने उस समय कहा था कि रिपोर्ट के अध्ययन के बाद इस पर सरकार कोई अंतिम निर्णय लेगी। उन्होंने दावा किया था कि देश में पहली बार इस तरह का काम किया गया है और जल्द ही यह कानून बन जाएगा।
इस रिपोर्ट में एक और मजेदार सुझाव दिया गया है। वह यह कि बंद का आह्वान करने वालों को एक सप्ताह पहले नोटिस दिया जाए और बंद के दौरान सार्वजनिक संपत्ति का जो भी नुकसान हो, उसे उनसे वसूला जाए।
ज्ञात हो कि अय्यर (94) दुनिया की पहली निर्वाचित कम्युनिस्ट सरकार में ई.एम.एस.नंबूदरीपाद के नेतृत्व में 1957 में कानून एवं सिंचाई मंत्री रह चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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