तुर्की के राष्ट्रपति का पांच दिवसीय दौरा रविवार से
अब्दुल्ला के साथ एक उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल, सांसद और वरिष्ठ मंत्री भी आ रहे हैं, जिनमें तुर्की के संयुक्त आर्थिक आयोग के सह-अध्यक्ष और राज्य मंत्री मेहमेत अयदिन, स्वास्थ्य मंत्री रिसेप अकदाग और परिवहन मंत्री बिनाली यिलद्रिम शामिल हैं।
गुल अपने प्रवास के दौरान आगरा और मुंबई के दौरे पर भी जाएंगे और मुंबई में वह तुर्की के वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ सोमवार को प्रस्तावित उनकी बातचीत में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दुनिया की दूसरी सबसे तेज विकासशील अर्थव्यवस्था भारत और यूरोप व एशिया के बीच स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण व प्रगतिशील अर्थव्यवस्था तुर्की के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
उम्मीद की जा रही है कि तुर्की के राष्ट्रपति नई दिल्ली और मुंबई में उद्योगपतियों से मिलकर अधिक भारतीय निवेश आकर्षित करने की जमीन तैयार करेंगे।
साल 2008 में दोनो देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार तीन अरब डॉलर को पार कर गया था, दोनों देशों को उम्मीद है कि निकट भविष्य में यह छ: अरब डॉलर को पार कर जाएगा। तुर्की, भारत के साथ मुक्त व्यापार क्षेत्र समझौता करने का इच्छुक है। इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हो सकती है।
दोनों देशों की तरफ से असैन्य परमाणु सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। बिजली उत्पादन के लिए तुर्की परमाणु ऊर्जा प्राप्त करने का इच्छुक है। भारत भी अपनी आधुनिक परमाणु तकनीक के साथ तुर्की को असैन्य रिएक्टरों की स्थापना में मदद देने के लिए तैयार है।
तुर्की में भारत के राजदूत रमिंदर सिंह ने हाल ही में वहां के सबसे पुराने अंग्रेजी दैनिक 'हुरियत डेली न्यूज एंड इकनॉमिक रिव्यू' में कहा था कि असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के संबंध में तुर्की के प्रस्ताव पर भारत सकारात्मक रुख दिखाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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