तेलंगाना पर समिति गठित, कार्यक्षेत्र की घोषणा का इंतजार (राउंडअप)
समिति की घोषणा के थोड़े ही समय बाद तेलंगाना संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने कहा है कि वह समिति के कार्यक्षेत्र की घोषणा किए जाने का इंतजार करेगी, उसके बाद ही वह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करेगी।
जेएसी के समन्वयक एम.कोदंदाराम ने हैदराबाद में कहा, "केंद्र सरकार द्वारा समिति के कार्यक्षेत्र और अन्य विवरणों की घोषणा कर दिए जाने के बाद हम बैठक बुलाएंगे और अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करेंगे। हम एक समय सीमा के भीतर तेलंगाना राज्य का गठन चाहते हैं। यदि यह समिति इसके लिए बनाई गई है तो हम इसका स्वागत करेंगे।"
कोदंदाराम ने कहा, "समिति में शामिल किए गए लोगों की बनिस्बत समिति का कार्यक्षेत्र ज्यादा महत्वपूर्ण है।"
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि समिति का कार्यक्षेत्र निर्धारित किया जा रहा है और समिति के अध्यक्ष के साथ सलाह करके उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। जल्द ही उसे घोषित कर दिया जाएगा।
समिति के अन्य सदस्यों में राष्ट्रीय कानून विश्वविद्यालय के कुलपति रणबीर सिंह, अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान के वरिष्ठ रिसर्च फेलो अबुसालेह शरीफ, पूर्व गृह सचिव विनोद दुग्गल और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-दिल्ली) में कला और सामाजिक विज्ञान विभाग की प्रोफेसर रविंदर कौर शामिल हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने आईएएनएस से कहा, "मैं पूरी तरह सुनिश्चित हूं कि इस संवेदनशील मामले में सबको संतुष्ट करने वाला कोई निर्णय लिया जाएगा।"
यद्यपि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सरकार द्वारा घोषित इस समिति को खारिज कर दिया है। भाजपा ने कहा है कि यह मामले को लटकाए रखने का एक तरीका मात्र है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पांच सदस्यीय समिति का कोई मतलब नहीं होगा, क्योंकि पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के लिए उसके पास कोई स्पष्ट संदर्भ नहीं है।
जावड़ेकर ने कहा, "आंध्र प्रदेश की स्थिति पर सलाह-मशविरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित की गई समिति को भाजपा पूरी तरह से खारिज करती है।"
जावड़ेकर ने कहा कि समिति के लिए न तो कोई समय सीमा निर्धारित की गई है और न ही उसके कार्यक्षेत्र ही बताए गए हैं।
भाजपा नेता ने कहा, "यह समिति मात्र बहाना है और यह तेलंगाना के लोगों की घायल भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। यह टालमटोल का एक तरीका है।"
जावड़ेकर ने मांग की है कि सरकार को बजट सत्र में तेलंगाना के गठन का विधेयक संसद में पेश करना चाहिए और भाजपा उस विधेयक का समर्थन करने के लिए वचनबद्ध है।
उधर, पटना में वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार पृथक तेलंगाना के गठन को लेकर पलायनवादी रुख अपना रही है।
हैदराबाद में मुख्य विपक्षी, तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने पांच सदस्यीय समिति की घोषणा को टालमटोल का एक तरीका करा दिया है।
इधर दिल्ली में केंद्रीय कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और पांच सदस्यीय समिति के बारे में उन्हें जानकारी दी।
कांग्रेस सूत्रों ने कहा है कि मोइली ने इस समिति के बारे में पार्टी सांसदों के विचारों से गांधी को अवगत कराया है।
समिति की संभावित घोषणा के पूर्व तेलंगाना, तटीय आंध्रा और रायलसीमा क्षेत्र के कांग्रेसी सांसदों ने अपने विचार व्यक्त करने के लिए मोइली से मुलाकात की थी।
उल्लेखनीय है कि पृथक राज्य के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा गत पांच जनवरी को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में इस समिति के गठन की घोषणा की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications