1984 के दंगों के मामले में ढिलाई पर सीबीआई को फटकार
मुख्य न्यायाधीश ए. पी. शाह और न्यायमूर्ति राजीव सहाय की खंडपीठ ने सीबीआई से पूछा कि अगर गुजरात दंगों के मामले में विशेष वकील की नियुक्ति हो सकती है, तो इस मामले में क्यों नहीं?
न्यायालय ने सीबीआई से कहा कि वह आठ फरवरी तक बताए कि निचली अदालतों में लटके हुए चार मामलों की पैरवी के लिए किसे नियुक्त किया जा सकता है।
इस मामले में याचिकाकर्ता के वकील एच. एस. फुलका ने कहा, "यह मामला हमारे देश के लिए बेहद शर्मनाक है। इसके फैसले में हो रही देरी से हमारी न्यायिक व्यवस्था विश्वसनीयता और भी धूमिल हो रही है। "
उल्लेखनीय है कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में हुए दंगों में तीन हजार से ज्यादा सिख मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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