आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने आरंभिक खबरों को सच मानने के प्रति चेताया
वर्गीज ने कहा कि जसप्रीत सिंह ने दावा किया था कि हमलावरों ने उसे मेलबर्न स्थित उसके मकान के पास जलाने का प्रयास किया। इसे पूरी दुनिया में एक नस्लीय हमला माना गया। इससे भारत में आस्ट्रेलिया की छवि को गहरा धक्का लगा। इससे इस धारणा को बल मिला कि आस्ट्रेलिया में भारतीयों को नस्लीय हमले का शिकार बनाया जा रहा है।
वर्गीज ने कहा कि पुलिस की जांच से सामने आया कि ऐसा कोई हमला नहीं किया गया। पुलिस ने जसप्रीत पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और वित्तीय लाभ के लिए आपराधिक क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दावा किया जसप्रीत ने 11,000 आस्ट्रेलियाई डॉलर का मुआवजा हासिल करने के लिए अपनी कार में आग लगाने का प्रयास किया लेकिन दुर्घटनावश खुद जल गया।
जसप्रीत को बुधवार सुबह एक अदालत में पेश किया गया और उसे जमानत दे दी गई। उसे 15 मार्च को मेलबर्न की अदालत में पेश होना है।
वर्गीज ने कहा कि रंजोध सिंह की हत्या के आरोप में 29 जनवरी को तीन भारतीय नागरिकों की गिरफ्तारी सभी के लिए एक सबक होनी चाहिए और आस्ट्रेलिया में किसी भी भारतीय नागरिक के साथ कुछ बुरा घटित होने पर नस्लीय हमले का राग नहीं अलापना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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