ईरान ने नए उपग्रह रॉकेट का परीक्षण किया
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने यह भी कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित नया रॉकेट सिमोर्क 100 किलोग्राम के उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर सकता है।
ईरान में वर्ष 1979 में हुई इस्लामी क्रांति की 31वीं वर्षगांठ पर यह परीक्षण किया गया।
ईरान ने फरवरी 2009 में साफिर-2 रॉकेट की मदद से पहला उपग्रह कक्षा में स्थापित किया था। बुधवार को तीन नए उपग्रहों का उद्घाटन हुआ उनके नाम तोलोयु, मेस्बाह-2 और नाविद हैं।
ईरान ने पश्चिमी देशों के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम का कोई सैन्य उद्देश्य है। उसने पश्चिमी शक्तियों पर आरोप लगाया कि वे ईरान की वैज्ञानिक सफलता की तस्वीर बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं।
अमेरिका और इजरायल ने कहा कि इस प्रौद्योगिकी का उपयोग बैलेस्टिक मिसाइल बनाने में किया जा सकता है। परंतु ईरान ने इस परियोजना को एक अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धि की संज्ञा दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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