पोलैंड की तमिल साहित्य की ज्ञाता जोना कुसियो का निधन
वारसा, 31 जनवरी (आईएएनएस)। पोलैंड की तमिल भाषा और साहित्य की जानी-मानी ज्ञाता जोना कुसियो अपने आवास में मृत पाई गईं। वह 49 वर्ष की थीं और अकेली रहती थीं।
पिछले सप्ताह उनके मकान खोलने पर उनके संबंधियों ने उन्हें मृत अवस्था में पाया। वह पिछले कुछ महीनों से हृदय रोग से पीड़ित थीं और ऐसा लगता है कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। वह पिछले 30 बरस से वारसा युनिवíसटी में तमिल भाषा एवं साहित्य पढ़ाती थीं।
जोना के मित्र उन्हें आशा कहकर पुकारते थे। तमिल भाषा और साहित्य के प्रति उनका समर्पण एक मिसाल था। तमिल के लिए उनका प्रेम उन्हें चेन्नई तक खींच लाया था और वह तीन वर्ष तक वहीं रहीं। वहां उन्होंने न सिर्फ भाषा और साहित्य के बारे में अपनी जानकारी बढ़ाई बल्कि द्रविड़ संस्कृति और कला को भी आत्मसात किया।
उन्होंने 1970 के दशक के आखिर में तमिल सीखना शुरू किया और अपना पूरा जीवन उसके प्रोत्साहन, अध्यापन और तमिल भाषा के अनुसंधान में लगा दिया।
पोलैंड की एक अन्य भारतविद् आना बेम ने आईएएनएस से कहा, "उनकी आकस्मिक मौत से पोलैंड ने एक ऐसी श्रेष्ठ आत्मा को खो दिया है जिनका जीवन और विचार तमिल भावना से ओत-प्रोत थे। वारसा युनिवर्सिटी के लिए के लिए यह बड़ी क्षति है। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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