राजस्थान में महिला उत्पीड़न की रोकथाम के लिए समितियों का गठन
सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार मुकेश शर्मा ने विस्तृत परिपत्र जारी करते हुए जिला स्तरीय समितियों के पुनर्गठन के आदेश जारी किए हैं। शर्मा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विशाखा एवं अन्य प्रकरण में दिए गए निर्देशों व इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसरण में महिला उत्पीड़न निवारण समितियों का गठन कर कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश हैं।
उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर महिला उत्पीड़न निवारण समिति को प्रभावी बनाने के लिए 28 फरवरी तक आवश्यक रुप से समितियों को पुनर्गठित करने के निर्देश दिए हैं। निर्देंशों में कहा गया है कि जिला स्तरीय समिति में यथा संभव महिला राजपत्रित अधिकारी को ही अध्यक्ष बनाया जाये व इसके लिए आवश्यकता होने पर केन्द्रीय सहकारी बैंक, भूमि विकास बैंक या जिले की अन्य सहकारी संस्थाओं की महिला अधिकारी को अध्यक्ष नामांकित किया जा सकता है। समिति में कम से कम 50 प्रतिशत महिला सदस्य होंगी। समिति के अध्यक्ष या सदस्य के स्थानांतरण, सेवानिवृति पर प्राथमिकता के आधार पर समकक्ष पदाधिकारी के मनोनयन किया जायेगा।
शर्मा ने कहा है कि महिला उत्पीड़न निवारण समिति में राज्य महिला आयोग से पंजीकृत महिला प्रतिनिधियों को भी नामांकित किया जायेगा। शिकायत निवारण समिति की तीन माह में एक बार आवश्यक रुप से बैठक आयोजित कर त्रैमासिक रिपोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय पर गठित समिति की सदस्य सचिव श्रीमती सोनल माथुर सहायक रजिस्ट्रार को भिजवाने को कहा गया है।
शर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और राज्य सरकार के निर्देशों की मंशा को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा महिला अधिकारी को ही जिला स्तर पर अध्यक्ष बनाने व प्रभावी कार्यवाही हेतु यह दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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