आंध्र में 'संवैधानिक संकट' पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई एक फरवरी को
पूर्व सांसद एम. नारायण रेड्डी की ओर से यह याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला किया। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष एन. किरण कुमार रेड्डी इन इस्तीफों को अपने पास रखे हुए हैं और वह न तो उन्हें स्वीकार कर रहे हैं और न ही अस्वीकार।
प्रधान न्यायाधीश के. जी. बालाकृष्णन, न्यायमूर्ति जे. एम. पंचाल, न्यायमूर्ति बी. एस. चौहान की एक पीठ ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए इस पर सुनवाई के लिए एक फरवरी की तारीख मुकर्रर की।
नारायण रेड्डी के वकील ने याचिका के पक्ष में संविधान के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए अदालत से कहा कि किसी विधायक या सांसद द्वारा संबंधित सदन के अध्यक्ष को इस्तीफा देने के साथ ही उसे स्वीकार कर लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर जिन 139 विधायकों ने इस्तीफा दिया है, वे विभिन्न दलों के हैं। ऐसे में प्रदेश की मौजूदा सरकार के पास बहुमत है कि नहीं, इस पर संशय है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से अपील की कि वह विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश दें और राज्य में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications