भारत को उम्मीद : राजपक्षे तमिलों से किया अपना वादा निभाएंगे
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। लिट्टे के सफाए के बाद श्रीलंका में पहली बार हुए राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने उम्मीद जाहिर की है कि वह अपनी इस चुनावी जीत के बाद तमिल अल्पसंख्यकों के लिए लंबे समय से लंबित पड़े हस्तांतरण पैकेज को जारी कराएंगे और श्रीलंका में स्थायी शांति लाएंगे।
सरकारी सूत्रों ने आईएएनएस से कहा, "हमने हमेशा कहा है कि सत्ता में भागीदारी और सुलह से ही श्रीलंका में शांति आ सकती है। हम आशा करते हैं ्र कि अब यह प्रक्रिया अपने उचित निष्कर्ष तक पहुंचेगी।"
1987 में हुए भारत-श्रीलंका समझौते के तहत श्रीलंका में तैनात इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (आईपीकेएफ) का नेतृत्व कर चुके ए.एस.कलकट ने आईएएनएस को बताया, "सुलह की संभावना निश्चितरूप से काफी बढ़ी है। राजपक्षे महसूस करते हैं कि तमिलों से सुलह करके ही श्रीलंका में स्थायित्व व समृद्धि लाई जा सकती है।"
कलकट ने कहा है, "राजपक्षे तमिलों को कोई नया राजनीतिक समाधान दे पाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे, जो कि सत्ता में भागीदारी देने के इतर हो। लेकिन अब उन्होंने दृढ़ता के साथ कमर कस ली है। वह आगामी चुनाव में अपने लोगों को संसद में ला सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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