केंद्रीय नेताओं से चर्चा करेंगे तेलंगाना क्षेत्र के कांग्रेसी

सर्वदलीय संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) की ओर से क्षेत्र के सभी सांसदों, विधायकों व मंत्रियों पर इस्तीफे का दबाव है। जेएसी की ओर से इस्तीफे की समय सीमा 28 जनवरी तय की गई है।

इस समय सीमा के खत्म होने में महज तीन दिन बचे हैं। इसके मद्देनजर क्षेत्र के कांग्रेसी नेताओं की सोमवार को बैठक हुई।

आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री डी. के. करूणा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बैठक में तय हुआ है कि हम इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे। इस सिलसिले में सभी कांग्रेसी नेताओं का एक दल दिल्ली जाएगा, जिसका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य के. केशव राव करेंगे।

राव ने हालांकि इससे इंकार किया कि नेताओं का यह दल किसी प्रतिनिधिमंडल के रूप में केंद्रीय नेताओं से मिलेगा और वह उसका नेतृत्व करेंगे।

राव ने कहा, "पृथक तेलंगाना राज्य के गठन में हो रही देरी से क्षेत्र के सभी सांसद व विधायक आक्रोशित हैं। वे इसके लिए किसी भी प्रकार के बलिदान को तैयार हैं। बैठक में सर्वसम्मत विचार यह था कि हमारे लिए किसी पद की अपेक्षा तेलंगाना का अधिक महत्व है।"

उन्होंने कहा, "बैठक में यह राय बनी कि हम सभी को दिल्ली जाना चाहिए और केंद्र से आग्रह करना चाहिए कि वह पृथक तेलंगाना राज्य की प्रक्रिया की घोषणा करे ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके। केंद्र सरकार ने गत पांच जनवरी को इस संबंध में एक बैठक बुलाई थी इसलिए हम जानना चाहते हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाने जा रही है।"

गौरतलब है कि जेऐसी के दो अन्य प्रमुख घटक दल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) का मानना है कि जब तक पदेश में संवैधानिक संकट की स्थिति पैद नहीं होती तब तक केंद्र सरकार पृथक राज्य की घोषणा करने को बाध्य नहीं होगी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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