कुंभ पर्व : आस्था के सागर में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी (लीड-2)
मधुश्री चटर्जी
हरिद्वार, 14 जनवरी (आईएएनएस)। वैदिक मंत्रोच्चार और मंदिरों की घंटियों के बीच 'जय गंगा मैया' और 'हर-हर महादेव' के जयघोषों को गुंजायमान करते हुए लाखों श्रद्धालुओं ने गुरुवार को कल-कल बहती पवित्र गंगा में डुबकी लगाई।
देश और दुनिया से पहुंचे लाखों भक्तों ने कुंभ मेले के पहले दिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गंगा में डुबकी लगाई। गंगा में स्नान करने के लिए हजारों लोगों का दिन भर का तांता लगा रहा। भक्तों ने 'जय गंगा मैया' और 'हर-हर महादेव' का गान करते हुए स्नान किया। मकर संक्रांति के दिन से शुरू हुआ स्नान का यह सिलसिला 15 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन भी चलता रहेगा। कुंभ मेला हर 12 साल पर लगता है।
पहली बार कुंभ मेला देखने पहुंचे शिमला के रमेश शर्मा ने कहा, "पानी बहुत ठंडा था लेकिन आस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है।"
दिल्ली से स्नान करने पहुंची कृष्णाप्यारी ने कहा, "हे, मां गंगे, जगदम्बे माता जीवन रूपी समुद्र से मेरी नैया पार लगाओ।"
लोगों के नहाने का सिलसिला शुक्रवार सूर्य ग्रहण और मौनी अमावस्या तक जारी रहेगा।
भक्त जनों ने गंगा में डुबकी लगाने के साथ यहां सूर्य और भगवान शिव की पूजा की। स्नान करने वालों में ज्यादातर आम भक्त जन थे। साधु-संत आगामी 20 जनवरी से स्नान करेंगे। वे फिलहाल ज्वालापुर के 'अखाड़ों' में रह रहे हैं।
यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। त्वरित कार्रवाई बल, दंगा विरोधी दस्ता, राज्य पुलिस और सेना के जवानों की विभिन्न स्थानों पर तैनाती की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "हालांकि यहां की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं है लेकिन हम कोई मौका नहीं लेना चाहते।"
उल्लेखनीय है कि हिंदू धर्म के अनुसार देवताओं और राक्षसों के बीच युद्ध के दौरान 'अमृत' की एक बूंद हरिद्वार में भी गिरी थी। धार्मिक मान्यता है कि 'अमृत कलश' समुद्र मंथन के दौरान निकला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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