गिरजाघरों पर हमले अराजक तत्वों की करतूत : मलेशिया सरकार
सरकार यहां स्थित विदेशी राजनयिकों को यह बता रही है कि यह घटना कुछ अराजक तत्वों की करतूत है जो देश के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करना चाहते हैं। ऐसे तत्व पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी घटनाएं किसी भी सूरत में इस मुस्लिम बहुल बहु-नस्लीय राष्ट्र की परंपरा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।
सरकार की ओर से यह पहल ऐसे वक्त की गई है जब 130 मुस्लिम गैर-सरकारी संगठनों ने देश में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रोकने के लिए ईसाई आस्था केंद्रों पर नजर रखने का आश्वासन दिया है।
गिरजाघर पर पथराव की घटनाएं तब हुईं जब एक अदालत ने कैथलिक चर्च द्वारा प्रकाशित एक पत्रिका को अपने मास्टहेड में 'अल्लाह' शब्द का इस्तेमाल करने की छूट दे दी। प्रधानमंत्री नजीब तुन रजाक ने ऐसी घटनाओं की निंदा करते हुए इस देश की सामाजिक और धार्मिक परंपरा के खिलाफ बताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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