हिंसा का रास्ता छोड़ें नक्सली: दलाई लामा (लीड-2)
भुवनेश्वर में हवाई अड्डे पर दलाई लामा ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने पहले भी कहा है कि समस्या के निदान का रास्ता हिंसा नहीं है। हिंसा द्वारा समाधान निकालने का रास्ता हमेशा गलत होता है। मैं इस बात से सहमत हूं कि अभी भी कुछ लोग वंचित और गरीब हैं और लोगों का शोषण होता है लेकिन हिंसा इसका समाधान नहीं है।"
दलाई लामा ने नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि वे अहिसा के मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा, "समस्या का समाधान अहिंसा से निकलेगा। हमें अहिंसा के जरिए ही समाधान निकालना चाहिए। अहिसा के जरिए वार्ता और आपसी समझ से हमें आगे बढ़ना होगा।"
देश के सर्वागीण विकास के बारे में दलाई लामा ने कहा, "भारत में केवल कुछ शहरों का ही नहीं बल्कि ग्रामीणों इलाकों का भी विकास होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि कुछ इलाकों में विकास हो और कुछ इलाके अविकसित रह जाए।"
दलाई लामा ने कहा कि देश के विकास के लिए हमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को प्रशिक्षित करने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, "सरकार और अधिकारियों की ओर ध्यान देने के बदले हमें कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसके बाद ही हम भारत को विकसित देख सकेंगे।"
दलाई लामा सोमवार को चार दिवसीय दौरे पर उड़ीसा पहुंचे। उड़ीसा प्रवास के दौरान वह गजपति जिले में पद्यम संभव नाम के पांच मंजिले बौद्ध मठ का उद्घाटन करेंगे। वह कई धार्मिक समारोहों में शिरकत भी करेंगे।
उधर, सोमवार तड़के को कोरापुट जिले में संदिग्ध नक्सलियों ने दो स्थानीय व्यापारियों की हत्या कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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