यूरेनियम खनन में भारतीय सहायता चाहता है मलावी
लिलोंग्वे (मलावी), 9 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिणी अफ्रीकी देश मलावी ने भारत के साथ संयुक्त उद्यम के रूप से संभावित यूरेनियम खानों के विकास में रुचि दिखाने के साथ ऊर्जा सुरक्षा, बंदरगाहों तथा अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण में सहायता मांगी है।
मलावी दौरे पर पहुंचे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से वार्ता और तीन समझौतों पर हस्ताक्षर के गवाह बनने के बाद मलावी की उपराष्ट्रपति जॉसे बांडा ने संवाददाताओं से कहा, "हमारी कारोंगा में एक खान पहले से ही है। हम अन्य खानों के विकास के लिए भारत के साथ संयुक्त रूप से कार्य कर सकते हैं।"
मलावी की पहली यूरेनियम खान का संचालन आस्ट्रेलिया की कंपनी पेलेडिन एनर्जी करती है। इस खान में उत्पादन सितम्बर 2009 में शुरू हुआ और पहला निर्यात कनाडा को हुआ।
जांबिया और मोजांबिक के बीच स्थित मलावी की जनसंख्या 1.35 करोड़ है।
मलावी का दौरा करने वाले अंसारी पहले भारतीय नेता हैं। अफ्रीकी देशों के अपने तीन दिवसीय दौरे के क्रम में अंसारी गुरुवार दोपहर मलावी पहुंचे। उन्होंने मलावी के राष्ट्रपति बिंगु वा मुथारिका से भेंट की। मुथारिका ने अंसारी के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया।
रात्रिभोज में अंसारी ने मलावी को पांच करोड़ डॉलर का कर्ज और भूकंप राहत तथा सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 50 लाख डॉलर की सहायता राशि देने की घोषणा की।
विदेश कार्यालयों में परामर्श, कृषि और छोटे उद्यमों में सहयोग के लिए तीन समझौतों पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए गए।
मलावी अफ्रीकी यूनियन का अगला अध्यक्ष है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मामला भी उठा और दोनों देशों ने सहमति जताई कि विश्व संस्था को सामयिक वास्तविकताओं को प्रदर्शित करना चाहिए।
ताइवान की मान्यता समाप्त करने वाले अंतिम कुछ देशों में एक मलावी में हाल के वर्षो में चीन एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरा है। बदले में चीन मलावी में संसद के नए भवन, एक अस्पताल, एक पांच सितारा होटल और सड़कों का निर्माण कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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