राठौड़ की गिरफ्तारी कभी भी, अग्रिम जमानत याचिका खारिज (लीड-1)
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश संजीव जिंदल ने राठौड़ के खिलाफ 29 दिसम्बर को दर्ज दो नई प्राथमिकियों में अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी। अदालत में राठौर या उनकी पत्नी आभा राठौड़, जो उसकी वकील भी हैं, उपस्थित नहीं थी।
राठौड़ के खिलाफ 29 दिसम्बर को हत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया था। ये सभी मामले गैर जमानती हैं।
अदालत ने हरियाणा पुलिस के एक अन्य अधिकारी सेवा सिंह की भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सिंह पर कथित तौर पर राठौड़ के इशारे पर रुचिका के भाई अंशु के खिलाफ मामला दर्ज करने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार अदालती आदेश के बाद राठौड़ की गिरफ्तारी से पूर्व राज्य के पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से संपर्क करेंगे।
हरियाणा पुलिस और राज्य सरकार पहले ही राठौड़ के खिलाफ दर्ज नई प्राथमिकी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश कर चुकी है।
अदालत द्वारा राठौड़ की याचिका खारिज किए जाने पर रुचिका की दोस्त आराधना ने कहा, "मैं काफी खुश हूं और मुझे न्याय की आशा है। हम राठौड़ की तत्काल गिरफ्तारी चाहते हैं। "
आराधना ने कहा कि वह चाहती हैं कि राठौड़ के खिलाफ मामले की जांच सीबीआई करे। उधर, राठौड़ के वकील का कहना है कि वह अब उच्च न्यायालय जाएंगे।
गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को राठौड़ ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और उसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने पिछले दिनों रुचिका मामले में राठौड़ को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत मिल गई भी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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