तेलंगाना पर अहम बैठक मंगलवार को, रोसैया ने की प्रधानमंत्री से भेंट (लीड-2)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के. रोसैया, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव सहित अन्य दलों के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली पहुंच सोमवार को राजनीतिक मेल-मुलाकातों को दौर चलाया।
रोसैया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित उनकी मंत्रिपरिषद के कई वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात की। बैठक से पहले मुख्यमंत्री द्वारा की गई इन मुलाकातों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली पहुंचे रोसैया ने केंद्रीय कानून मंत्री कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली, वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी से मुलाकात करने के बाद इन सभी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
रोसैया ने दो घंटे तक प्रधानमंत्री से चर्चा की। समझा जा रहा है कि उन्होंने तेलंगाना के मसले पर हो रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण के संदर्भ में भी प्रधानमंत्री से चर्चा की।
तेलंगाना क्षेत्र से संबंध रखने वाले कांग्रेस और तेदेपा के प्रतिनिधि जहां पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग कर रहे हैं, वहीं आंध्र क्षेत्र के प्रतिनिधि इसका विरोध कर रहे हैं। सत्तारुढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) दोनों में ही इस मुद्दे पर अंदरूनी मतभेद हैं।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आम सहमति बनने की उम्मीद कम है। बैठक में आठ मान्यता प्राप्त दलों के नेता शामिल होंगे।
जहां तीन राजनीतिक दल पृथक तेलंगाना का समर्थन कर रहे हैं वहीं दो दल इसका विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर तीन ने इस संबंध में फैसला नहीं किया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)और टीआरएस केंद्र से पृथक तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया आरंभ करने की मांग करेंगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) पृथक तेलंगाना का विरोध कर रही है। दूसरी ओर मजलिस-ए-इत्तहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) ने अभी अपना रूख स्पष्ट नहीं किया है।
सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के दो-दो प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कांग्रेस की ओर से सांसद के.संबाशिव राव और विधायक उत्तम कुमार रेड्डी हिस्सा लेंगे। राव जहां पृथक तेलंगाना राज्य का विरोध कर रहे हैं वहीं रेड्डी इसका समर्थन कर रहे हैं।
कांग्रेस की तरह तेदेपा भी इस मसले पर एकमत नहीं है। पार्टी ने बैठक में हिस्सा लेने वाले अपने प्रतिनिधियों के नामों की घोषणा अभी नहीं की है।
भाकपा के राज्य सचिव के.नारायण पृथक तेलंगाना का समर्थन कर रहे हैं, वहीं माकपा विधायक जे.रंगा रेड्डी एकीकृत राज्य का समर्थन कर रहे हैं।
बैठक में पीआरपी का प्रतिनिधित्व के. चिरंजीवी और सी.रामचंदै्रया करेंगे। भाजपा की ओर से बंडारु दत्तात्रेय और के. हरिबाबू बैठक में शामिल होंगे।
सर्वदलीय बैठक में एमआईएम का प्रतिनिधित्व पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी करेंगे।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए टीआरएस अध्यक्ष राव भी दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि वह पृथक तेलंगाना के मुद्दे पर समर्थन हासिल करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
उधर, प्रस्तावित पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के विरोध में सोमवार को आंध्र प्रदेश के तेलंगाना और आंध्र क्षेत्रों में बंद के आह्वान की वजह से आम जनजीवन प्रभावित रहा।
आंध्र और तेलंगाना क्षेत्रों के सभी जिलों में बंद का असर देखा गया। सड़कों से राज्य परिवहन निगम की बसें नदारद रहीं। सभी इलाकों में शैक्षणिक और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद का आह्वान संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने किया।
सोमवार को विजयवाड़ा जिले में बंद के दौरान प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। कुरनूल जिले में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। विशाखापट्टनम में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं क्योंकि वहां पर सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित कई कंपनियों के दफ्तर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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