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राठौड़ के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज (राउंडअप)

अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

राठौड़ के खिलाफ गंभीर अपराध हत्या का प्रयास (धारा 307), आपराधिक धमकी (506), गलत तरीके से रोकने (340) और साजिश रचने (120-बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पंचकूला के पुलिस अधीक्षक मनीष चौधरी ने कहा कि तीन अन्य कनिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। इनमें सहायक उप निरीक्षक जय नारायण, उप निरीक्षक प्रेम दत्त, और सहायक उप निरीक्षक सेवा सिंह शामिल हैं।

चौधरी ने राठौड़ की गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया है क्योंकि उस पर जो धाराएं लगाई गई हैं वे गैरजमानती हैं।

चौधरी ने कहा कि हमने मंगलवार को मिली दो शिकायतों के आधार पर दो प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें अधिकतर धाराएं गैरजमानती हैं। हम इस मामले की जांच करेंगे और उसी के अनुरूप गिरफ्तारी की जाएगी।

राठौड़ के खिलाफ कुछ अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं जिनमें साक्ष्यों से छेड़छाड़ (195), गलत साक्ष्य तैयार करने (191), असत्य दस्तावेज तैयार करने (167), सरकारी पद पर रहते हुए कानून का पालन न करना (166) आदि।

राठौड़ वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हो गए थे और इन दिनों पंचकूला में ही रहते हैं।

रुचिका की दोस्त आराधना के पिता आनंद प्रकाश और उनके वकील पंकज भारद्वाज ने रुचिका के पिता एस.सी.गिरहोत्रा की तरफ से ये दो शिकायतें पुलिस को सौंपी।

गौरतलब है कि 12 अगस्त 1990 को राठौड़ ने 14 वर्षीया रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था और इसके तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने पिछले दिनों रुचिका मामले में राठौड़ को छह महीने की सजा सुनाई थी लेकिन अदालत ने 10 मिनट के भीतर ही उसे जमानत पर रिहा कर दिया था।

रुचिका मामले की फिर से जांच होगी : मोइली

कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने मंगलवार को कहा है कि रुचिका मामले की एक 'आदर्श मुकदमे' की तरह फिर से जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं भी लगाई जानी चाहिए, जिससे यह संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।

रुचिका की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में मोइली ने कहा, "यह एक आदर्श मुकदमा हो सकता है, जिसके जरिए हम देश के समक्ष एक उदाहरण पेश कर सकते हैं कि कानून सभी पर लागू होता है और इससे ऊपर कोई नहीं है।"

मोइली ने कहा, "पहला मामला छात्रा से छेड़छाड़ के प्रयास का बनता है। मामला इसी आधार पर बनना चाहिए लेकिन उसकी मौत हो जाती है। उसके साथ हर तरह का उत्पीड़न किया गया, उसके भाई के साथ भी, और फिर उसका स्कूल से निकाला जाना जिसकी वजह से उसकी मौत हुई..ऐसे में भारतीय दंड संहिता की धारा 305 (नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला होना चाहिए।"

धारा 305 के तहत आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है। मोइली ने कहा कि जिन अधिकारियों ने राठौड़ का बचाव करते हुए धाराओं को पलटने की कोशिश की उनके खिलाफ भी आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला चलाया जा सकता है।

चिदंबरम से मिलेंगे रुचिका के वकील

रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामला पिछले 13 वर्षो से निशुल्क लड़ने वाले वकील पंकज भारद्वाज ने मंगलवार को कहा है कि वह बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम से मिलेंगे और उनके समक्ष मामले से जुड़े सभी तथ्य और साक्ष्य रखेंगे।

भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा, "पिछले दिनों गृह मंत्रालय से मेरे पास फोन आया था। उन्होंने इस मामले पर चर्चा के लिए मुझे बुलाया है। पहले मुलाकात की तिथि 29 दिसंबर तय की गई थी जो बाद में बदलकर 30 दिसंबर कर दी गई।"

उन्होंने कहा कि बुधवार को वह गृह मंत्री पी. चिदंबरम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शाम चार बजे मिलेंगे।

हुड्डा ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन :

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मंगलवार को रुचिका गिरहोत्रा मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि उन्होंने इस मामले में कार्रवाई किए जाने के संबंध में कोई निश्चित समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया।

हिसार के निकट खेडर गांव में 1200 मेगावाट की राजीव गांधी जल विद्युत परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से चर्चा में हुड्डा ने कहा, "इस मामले के सभी पहलुओं की कानूनी जांच हो रही है और सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि प्रभावित परिवार को न्याय मिले।"

सूत्रों के मुताबिक हुड्डा ने राज्य के गृह सचिव को रुचिका के पूरे मामले की कानूनी जांच के निर्देश दिए हैं ताकि इस मामले पर फिर से गौर किया जा सके और दोषी पूर्व पुलिस महानिदेशक एस. पी. एस. राठौर को अधिक से अधिक सजा दिलाई जा सके।

सीबीआई कर रही विधि विशेषज्ञों से मशविरा :

रुचिका गिरहोत्रा मामले में उचित तरीके से जांच न करने को लेकर आलोचना झेल रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को कहा है कि हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस. राठौड़ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा लगाने के लिए वह विधि विशेषज्ञों से राय ले रहा है।

सीबीआई के प्रवक्ता हर्ष बहल ने संवाददाताओं से कहा कि मामले का परीक्षण किया जा रहा है। हमारे विधि विशेषज्ञ सभी पक्षों से इस मसले पर विचार कर रहे हैं। इस पर अंतिम फैसला कानून और गृह मंत्रालय से परामर्श के बाद लिया जाएगा।

रुचिका के स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश :

चण्डीगढ़ प्रशासन ने अब उस स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं, जिसने सितम्बर 1990 में रुचिका को स्कूल से निकाल दिया था।

चण्डीगढ़ प्रशासन ने सेक्रेड हार्ट स्कूल के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। स्कूल ने बिना किसी कारण के वर्ष 1990 में रुचिका को स्कूल से निकाल दिया था।

चण्डीगढ़ के गृह सचिव रामनिवास ने कहा कि रुचिका को विद्यालय से निकाले जाने के फैसले में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की जांच की जाएगी। रामनिवास शिक्षा सचिव भी है।

रामनिवास ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, "मुझे कल मधु प्रकाश का फैक्स सदेश मिला था। वह इस मामले की जांच की मांग कर रही थी। मैंने उप मंडलीय दंडाधिकारी को मामले की जांच करने का आदेश दिया है और कहा कि सात दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करे।"

इस पूरे मामले में विद्यालय प्रबंधन ने चुप्पी साध ली है। विद्यालय ने शुरुआत में यह कहकर रुचिका को निकाल दिया था कि उसने फीस समय पर जमा नहीं की। रुचिका पर अनुशासनहीनता का भी आरोप लगाया गया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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