स्थिति गंभीर, तेलंगाना के 11 सांसद और 80 विधायक देंगे इस्तीफा (राउंडअप)
तेलंगाना क्षेत्र में कानून व व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सरकार ने भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों को हैदराबाद रवाना कर दिया है।
प्रदेश के सूचना व तकनीकी मंत्री के. वेंकट रेड्डी ने अलग तेलंगाना के समर्थन में मंत्री पद के साथ-साथ विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना क्षेत्र की जनता की भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने मंत्री पद और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। तेलंगाना के मुद्दे पर इस्तीफा देने वाले वह पहले मंत्री हैं।
इस बीच केसीआर के नाम से मशहूर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव ने चेतावनी दी है कि तेलंगाना राज्य के गठन में किसी प्रकार का विलंब आग को भड़काने वाला होगा, जिसे नियंत्रित कर पाना सेना के लिए भी मुश्किल भरा होगा।
उधर, तेलंगाना क्षेत्र में 48 घंटे का बंद हैदराबाद में प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच उस्मानिया विश्वविद्यालय और शहर के अन्य स्थानों पर हुई झड़पों के कारण हिंसक हो गया।
उस्मानिया विश्वविद्यालय में पुलिस द्वारा चलाई गई रबड़ की गोलियों से एक छात्र घायल हुआ। वहां विस्फोटक स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों को भेजा गया।
तेलंगाना मुद्दे पर केंद्र सरकार के रुख बदलने के बाद बुधवार रात से ही छात्र हिंसा पर उतर आए और कई बसों तथा ट्रकों में आग लगा दी।
निजाम कॉलेज के छात्रों के साथ पुलिस के संघर्ष से शहर के प्रमुख केंद्र बशीर बाग में हिंसा फैल गई। पुलिस ने छात्रों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका तो उन्होंने पत्थराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज से उसका जवाब दिया। इसमें चार छात्र घायल हुए।
छात्र कॉलेज वापस लौटे और सभी दरवाजे बंद करने के बाद 'पुलिस वापस जाओ' के नारे लगाए। ऐसी ही घटनाएं मशाब टैंक इलाके के पी.जी.कॉलेज में हुईं।
हिंसा को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान एल.बी.नगर भी पहुंचे।
राज्य में मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के मुख्यालय एनटीआर ट्रस्ट भवन पर भी तनाव दिखाई दिया। यहां तेलंगाना समर्थक छात्रों और कार्यकर्ताओं ने पार्टी से पृथक राज्य के गठन पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग को लेकर हंगामा किया।
राज्य में सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) ने तेलंगाना क्षेत्र में सभी बस सेवाओं को स्थगित कर दिया है। यहां निजी वाहन भी सड़कों से नदारद रहे। इस क्षेत्र में बुधवार देर रात कई जगहों पर हिंसा भी हुई।
तनाव के मद्देनजर कानून व व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बल मंगाया जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक ए.आर.अनुराधा ने कहा, "उस्मानिया विश्वविद्यालय की हालत बहुत खराब है। हम नहीं जानते कि अगले पल यहां क्या घटित होगा।" पुलिस ने छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे विश्वविद्यालय के छात्रावासों में रह रहे छात्रों को घर वापस बुला लें।
पुलिस महानिरीक्षक ने संवाददाताओं को बताया, "छात्र इस मुद्दे की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं। उनके लिए यह एक खेल है लेकिन यह खेल नहीं है। स्थिति किसी भी तरफ मोड़ ले सकती है।"
इधर, राव ने गुरुवार को चेतावनी दी कि तेलंगाना राज्य के गठन में किसी प्रकार का विलंब आग को भड़काने वाला होगा, जिसे नियंत्रित कर पाना सेना के लिए भी मुश्किल भरा होगा।
तेलंगाना राज्य के समर्थन में लड़ाई लड़ रहे सभी राजनीतिक दलों ओर समूहों की गठित संयुक्त कार्रवाई समिति की बैठक को संबोधित करते हुए राव ने कहा कि अलग तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को दबाने की केंद्र सरकार की किसी भी रणनीति से क्षेत्र की जनता घबराने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा, "तेलंगाना का इतिहास बलिदानों का रहा है। इस क्षेत्र की जनता कुर्बानी देने में भी नहीं हिचकिचाएगी।"
लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके राव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी अपील की कि वह इस मुद्दे को और नहीं खींचें और तेलंगाना को जल्द से जल्द अलग राज्य घोषित करें।
उन्होंने कहा, "मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वह जल्द से जल्द तेलंगाना राज्य के गठन की प्रक्रिया आरंभ करें। देश में यदि लोकतंत्र और संविधान है तो हमारी नैतिक मांग को स्वीकार किया जाना चाहिए।"
आंध्र प्रदेश की के. रोसैया सरकार द्वारा तेलंगाना क्षेत्र में बिजली और केबल टेलीविजन संपर्क काट दिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि रोसैया की ताकत भी खत्म होने वाली है क्योंकि तेलंगाना क्षेत्र के सभी विधायक विधानसभा अध्यक्ष पर अपना इस्तीफा स्वीकार कर लेने का दबाव बनाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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