दिल्ली मेट्रो ने पूरा किया सात वर्षो का सुहाना सफर
वर्ष 2002 में 24 दिसम्बर को दिल्ली मेट्रो का शुभारंभ हुआ था और उसके अगले ही दिन यानी क्रिसमस के मौके पर उसने अपनी व्यावसायिक यात्रा आरंभ की। शाहदरा से तीसहजारी तक 8.5 किलोमीटर का उसने अपना पहला सफर तय किया था।
पिछले सात वर्षो में दिल्ली मेट्रो का 10 से अधिक बार विस्तार किया गया और अब उसका दायरा 90 किलोमीटर तक पहुंच चुका है। सात वर्षो के अपने सफर में दिल्ली मेट्रो देश की राजधानी की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है। मेट्रो ने दिल्लीवासियों को भीड़भाड़, जाम और अन्य मुसीबतों से निजात तो दिलाई ही साथ ही उनका बेशकीमती वक्त बचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेट्रो अब तक चार करोड़ किलोमीटर दौड़ चुकी है और तीन मार्गो पर दिलशाद गार्डन से रिठाला, जहांगीरपुरी से केंद्रीय सचिवालय और द्वारका सेक्टर-नौ से नोएडा सेक्टर-32 तक प्रतिदिन मेट्रो की विभिन्न गाड़ियां कुल 35,000 किलोमीटर का सफर तय करती है।
वर्ष 2002 में जब दिल्ली मेट्रो की शुरुआत हुई थी तो सप्ताह में किसी एक दिन सर्वाधिक 35,000 यात्री इसमें सफर किया करते थे लेकिन अब यह आंकड़ा नौ लाख के पास पहुंच चुका है। इसी साल गत 24 नवम्बर को सिर्फ एक दिन में 10.29 लाख लोगों ने मेट्रो में सफर किया।
गत 13 नवम्बर को दिल्ली मेट्रो ने एक नया मुकाम हासिल किया जब वह दिल्ली की सरहद को पार कर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा पहुंची। इसका अगला पड़ाव यमुना बैंक से आनंद विहार अंतर्राज्यीय बस अड्डे है। इसके अलावा वर्ष 2010 में इंद्रलोक/कीर्तिनगर से मुंडका, केंद्रीय सचिवालय से हुडा सिटी सेंटर गुड़गांव और केंद्रीय सचिवालय से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन को मेट्रो से जोड़ना उसका लक्ष्य है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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