विशेष दर्जे के लिए कश्मीर में जनमत संग्रह उचित नहीं : गडकरी
भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद गुरुवार को यहां अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में गडगरी ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर को लेकर जो कुछ भी सुझाव दिया जा रहा है वह ठीक नहीं है।"
भाजपा अध्यक्ष की यह प्रतिक्रिया जम्मू एवं कश्मीर को लेकर बनाए गए कार्यकारी समूह के उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि राज्य को विशेष दर्जा दिए जाने का फैसला राज्य की जनता पर छोड़ दिया जाए।
नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और वाम दल अनुच्छेद 370 को बनाए रखने और राज्य को अधिक से अधिक स्वायत्तता देने की वकालत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वर्ष 2006 में जम्मू एवं कश्मीर के लिए कार्यकारी समूह की घोषणा की थी। समूह के अध्यक्ष और सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश सगीर अहमद ने बुधवार को कहा था कि अनुच्छेद 370 को मौजूदा स्वरूप में बनाए रखने अथवा इसे स्थायी या रद्द करने का फैसला राज्य की जनता पर छोड़ देना चाहिए।
सगीर ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को सौंपी थी।
गडकरी ने कहा कि कार्यकारी समूह की बैठक गत ढाई वर्षो में एक बार भी नहीं हुई है और समूह के अध्यक्ष इस संबंध में फैसला करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि समिति में आमसहमति का अभाव है। समिति में भाजपा नेता अरुण जेटली भी शामिल हैं।
गडकरी ने कहा, "जो पार्टी की विचारधारा है मैं उसी पर चल रहा हूं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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