समुद्री जल का तापमान बढ़ने से प्रवाल भित्तियां खतरे में
कोचीन स्थित 'सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट' के वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र का पानी गर्म होने के कारण अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, मन्नार की खाड़ी और कच्छे की खाड़ी में स्थित भारतीय समुद्री क्षेत्र में प्रवाल भित्तियां धीरे-धीरे नष्ट होने के कगार पर पहुंच जाएंगी।
वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रवाल भित्तियां तापमान के प्रति अतिसंवेदनशील होती हैं। सामान्य से अधिक तापमान होने पर इन भित्तियों का रंग बदलने लगता है और एक समय बाद ये सफेद रंग में परिवर्तित हो जाती हैं।
प्रवाल ऐसे छोटे जीव होते हैं, जो भित्तियों में बनी कालोनियों में समूह बनाकर रहते हैं। समुद्री जीवन में इनकी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि ये लाखों ऐसी प्रजातियों के प्रजनन और जीवन का केंद्र बनते हैं जो समुद्र में पैदा होते हैं। साथ ही साथ ये मछली पालन और पर्यटन के लिहाज से भी बहुत उपयोगी होते हैं।
शोध में कहा गया है कि समुद्र का पानी गर्म होने के कारण 2030 और 2040 के बीच लक्षद्वीप में प्रवाल भित्तियों के बनने की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी जबकि 2050 से 2070 के बीच बाकी के चार समुद्री क्षेत्रों में इनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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