चालक निकला अमृता पंचौली का हत्यारा

इंदौर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजय राणा ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अनिल काफी समय से अमृता पंचौली को जानता था और कई बार उन्हें कार से बाहर भी ले जा चुका था। अनिल को लगता था कि उनके पास काफी दौलत है। इसी के चलते उसने इस घटना को अंजाम दे दिया।
राणा ने बताया कि अमृता ने अपने परिजनों के उदयपुर से इंदौर आने की बात बताते हुए अनिल को 17 दिसंबर को अपनी कार की स्टैपनी सुधरवाने के लिए कार की चाबी दी थी। कार में ही उनके आवास की चाबी रखी रहती थी और अनिल ने उसी का लाभ उठाया। अनिल स्टैपनी सुधरवाने के बाद उनके आवास पर गया और पीछे का दरवाजा खोल कर आ गया। रात लगभग साढ़े सात बजे उसने पिछले दरवाजे से अमृता के आवास में प्रवेश किया और छुप गया। अमृता रात अपने आवास पहुंची और खाना खाने के बाद सो गईं।
अनिल को जब लगा कि अमृता सो गई हैं तो उसने आवास की तलाशी शुरू की तभी वह जाग गई। अमृता के जागते ही उसने चाकू से डराने की कोशिश की और एटीएम कार्ड मांगा। इसी को लेकर दोनों में छीना-झपटी हुई और अनिल ने अमृता पर कई वार किए जिससे उसकी मौत हो गई। अनिल हत्या के बाद सुबह पांच बजे तक वहीं रहा और उनके मोबाइल फोन तथा एटीएम आदि लेकर चला गया।
पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन का पता किया तो वह एक वैंडर के पास पाया गया। उसके पकड़े जाने पर पता चला कि अनिल ने मोबाइल और एटीएम कार्ड अपने दोस्त वैभव सोनी को दिए थे। वैभव ने उसे वैंडर को बेचा था। पुलिस ने अनिल और उसके साथी वैभव को पकड़ लिया है।
मालूम हो कि 17-18 दिसंबर की रात को किशनगंज थाना क्षेत्र में स्थित अति सुरक्षित आईआईएम परिसर में रहने वाली प्रोफेसर अमृता पंचौली की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए परिसर में रहने वालों, पंचौली के घर आने वाले और काम करने वाले कुल 46 लोगों से पूछताछ की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications