नर्सरी में दाखिले को लेकर अभिभावक और स्कूल आपस में भिड़े
वैसे हमेशा की तरह इस बार भी स्कूलों का प्रबंधन अभिभावकों के आरोपों को नकार रहे हैं। अभिभावकों की ओर से आने वाली ज्यादातर शिकायतों में कहा गया है कि स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के छात्रों को दाखिला नहीं दे रहे हैं और आवेदन के लिए निर्धारित 25 रुपये से अधिक राशि मांग रहे हैं।
एक अभिभावक साक्षी शर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग ने दाखिला प्रक्रिया को नियमित बनाने की कोशिश की थी लेकिन स्कूल प्रबंधन चालाकी दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दाखिला फार्म 25 रुपये का है मगर कुछ स्कूलों में दाखिला फार्म जमा करने की अंतिम तिथि सूची पत्र में दी है। इसे अलग से 250-300 रुपये में खरीदना पड़ता है।
एक अन्य अभिभावक अरविंद शर्मा का कहना है कि कुछ स्कूलों ने आवेदन करने की ऑनलाइन सुविधा दी थी लेकिन इसमें दाखिले से संबंधित अन्य जानकारी नहीं मिलती और अंत में सूचीपत्र खरीदना ही पड़ता है।
दिल्ली में 15 दिसम्बर से नर्सरी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उसके बाद से अब तक स्कूल विभाग को विभिन्न स्कूलों के खिलाफ 100 से भी ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं।
पब्लिक स्कूलों के संघ का कहना है कि इस साल की दाखिला प्रक्रिया अन्य सालों की अपेक्षा आसान है।
संघ के अध्यक्ष आर. पी. मलिक कहते हैं कि अभिभावकों की ओर से कुछ छोटी-छोटी शिकायतें की गई हैं लेकिन इस बार नर्सरी में दाखिला प्रक्रिया पूर्व वर्षो की अपेक्षा आसान रही है।
नर्सरी में दाखिले के दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर दिल्ली सरकार ने सोमवार को चार निजी स्कूलों से जवाब मांगा है।
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अभिभावकों की शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने चार निजी स्कूलों से नर्सरी दाखिला प्रक्रिया में बरती गई कथित लापरवाही के लिए जवाब मांगा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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