खाड़ी में 2.64 लाख दक्षिण एशियाइयों की छूटीं नौकरियां
सीडीएस के एस. इरुदयराजन और डी. नारायण ने सोमवार को अध्ययन प्रस्तुत करते हुए कहा कि अमेरिका में पैदा हुए वित्तीय संकट का 'खाड़ी सहयोग परिषद' के देशों पर भी असर पड़ा है।
इरुदयराजन ने कहा, "प्रभावित होने वाले क्षेत्रों और सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर व प्रवासी मजदूरों के रोजगार के संदर्भ में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) अर्थव्यवस्था पर वैश्विक संकट के प्रभाव का आकलन किया गया है।"
अध्ययन दल ने छह जीसीसी देशों और मलेशिया में मजदूरों व विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं का साक्षात्कार किया था।
अध्ययन में पाया गया कि तेल के मूल्यों, सम्पत्ति और शेयरों की निराशाजनक कीमतों, निवेशकों का कम होता विश्वास और पूंजी के उल्टे प्रवाह के रूप में वैश्विक संकट जीसीसी अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है।
एशियाई विकास बैंक, प्रवासी भारतीय कार्य मंत्रालय, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विदेशों में रह रहे केरलवासियों के मामलों से संबंधित विभाग ने इस अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता दी थी।
पिछले पांच या छह सालों में रोजगार में हुई वृद्धि में अब ठहराव आ गया है और करीब 40 प्रतिशत कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
इरुदयराजन ने कहा, "हमने पाया कि केरल के करीब 61,000 प्रवासी लौट आए हैं। केरल के सर्वेक्षण की विधि लागू करने पर खाड़ी से अधिकतम 264,000 प्रवासियों के लौटने का अनुमान है।"
विडंबना यह है कि अध्ययन का कहना है कि संकट और नौकरियां छिनने के बावजूद दक्षिण एशिया से प्रवासी श्रमिकों के बाहर जाने से स्पष्ट है कि खाड़ी में विशेषज्ञों की मांग है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications