ईयू, लैटिन अमेरिका 'केला युद्ध' समाप्त
जेनेवा, 16 दिसम्बर (आईएएनएस)। यूरोपीय संघ (ईयू) और लैटिन अमेरिका के केला उत्पादक देशों ने पिछले करीब दो दशकों से जारी तथाकथित 'केला युद्ध' को समाप्त करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार मंगलवार को हुए समझौते के अनुसार संबंधित पक्षों ने केले से संबंधित सभी विवादों को खत्म करने की प्रतिबद्धता प्रकट की।
समझौते के लैटिन अमेरिका से केले के आयात पर शुल्क को तत्काल 176 यूरो (255 डॉलर) प्रति टन से घटाकर 148 यूरो (214 डॉलर) प्रति टन किया जाना शामिल है। इसके साथ अगले आठ वर्षो में इस शुल्क को धीरे-धीरे करके करीब 114 यूरो (165 डॉलर) प्रति टन किया जाएगा।
विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ईयू के दूत एकार्ट गुथ ने जेनेवा में संवाददाताओं से कहा कि यह समझौता विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुसार है।
यूरोपीय देशों के पहले उपनिवेश रहे अफ्रीकी, कैरेबियाई और प्रशांत क्षेत्र के राष्ट्र नहीं चाहते थे कि उनके प्रतिस्पर्धियों को शुल्कों में कोई छूट मिले।
इन देशों ने एक अन्य दस्तावेज पर दस्तखत कर समझौते पर सहमति जताई। अमेरिका ने एक तीसरे दस्तावेज पर दस्तखत कर डब्ल्यूटीओ में आगे से इस संबंध में शिकायत करना बंद करने का वचन दिया।
इस समझौते को अब यूरोपीय परिषद से मंजूरी हासिल करनी होगी। इसके बाद सभी पक्ष एक बार फिर इस पर हस्ताक्षर करेंगे। बाद में यूरोपीय संसद इसे स्वीकृति देगी। इसके बाद डब्ल्यूटीओ द्वारा नई आयात दरें लागू होंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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