एचआईवी संक्रमित लोगों में आत्मविश्वास जगाने की जरूरत
नई दिल्ली, 10 दिसम्बर 2009 (आईएएनएस)। एचआईवी संक्रमित लोगों में सकारात्मक सोच विकसित करने और सही उपचार के लिए सबसे अधिक आवश्यकता आत्मविश्वास की होती है। देश भर के लगभग 350 एचआईवी संक्रमित लोग इसी विचार के साथ इन दिनों यहां एक सम्मेलन में इकट्ठा हुए हैं।
पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित विश्व युवक केंद्र में एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया है। सम्मेलन में 14 राज्यों के लोग हिस्सा ले रहे हैं।
एचआईवी संक्रमित 33 वर्षीय राजेश (बदला हुआ नाम) महाराष्ट्र से आए हैं। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि एचआईवी संक्रमित लोगों को यदि सबसे अधिक किसी चीज की जरूरत होती है, तो वह आत्मविश्वास है।
राजेश ने कहा कि उन्होंने विवाह भी एचआईवी संक्रमित महिला से किया है। उन्होंने कहा कि अपनी गलती की वजह से वह एचआईवी से संक्रमित हुए। राजेश ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि वह एचआईवी संक्रमित हैं तो वह अवसाद में चले गए थे लेकिन सही उपचार और समाज के लोगों की सहायता से वह अवसाद से उबर पाए।
राजेश ने कहा कि वह अपने अंदर हमेशा आत्मविश्वास का संचार करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि एचआईवी संक्रमित लोग सकारात्मक सोच विकसित करें और कुछ न कुछ काम करते रहें।
पीएफआई देश भर में फैले अपने नेटवर्क के जरिए एचआईवी संक्रमित लोगों में विश्वास का संचार करता रहा है। पीएफआई के कार्यकारी निदेशक ए.आर.नंदा ने कहा, हमारा मूल उदे्दश्य एचआईवी संक्रमित लोगों में विश्वास का संचार करना और उन तक सही उपचार पहुंचाना है।
नागालैंड के 35 वर्षीय अभिनव (बदला हुआ नाम) की भी पीएफआई के जिला स्तरीय नेटवर्क ने सहायता की है। अभिनव का कहना है कि उन्हें वर्ष 2005 में पता चला कि वह एचआईवी संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ।
अभिनव ने आईएएनएस से कहा, एचआईवी के बारे में पता चलने के बाद मेरी जिंदगी बिल्कुल बदल गई। मैं खुद से संघर्ष करने लगा। कई बुरे ख्याल भी आए लेकिन सही वक्त पर दवा और कुछ कार्य में खुद को उलझ्झाए रखकर मैंने अपने अंदर आत्मविश्वास का संचार किया।
देश भर से राजधानी में इकट्ठा हुए एचआईवी संक्रमित लोग यहां अपनी कहानी सुना रहे हैं और साथ ही लोगों को अपनी कला से भी परिचित करा रहे हैं। नागालैंड और महाराष्ट्र से आए लोग लोककला प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा विश्व युवक केंद् में इन लोगों ने एक प्रदशर्नी भी आयोजित की है, जिसमें पेंटिंग्स और अन्य उपयोगी सामान प्रदर्शित किए गए हैं। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत बुधवार को हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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