पाकिस्तान में 5 अमेरिकी गिरफ्तार, आतंकवादियों से संबंध की आशंका (लीड-2)
वाशिंगटन, 10 दिसम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में अमेरिका के पांच मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर भारतीय संसद पर हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादी संगठन 'जैश-ए-मुहम्मद' से संपर्क साधने का प्रयास करने का आरोप है और इस मामले की जांच की जा रही है।
वाशिंगटन के उपनगरीय इलाके अलेक्जेंड्रिया के एक एक कॉलेज के ये पांचों छात्र नवंबर के आखिर से लापता थे। इनके रिश्तेदार और संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अधिकारी इनकी तलाश में थे।
एफबीआई की प्रवक्ता कैथरीन स्केविट ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, "एफबीआई इन युवकों के बारे में पता लगाने के लिए परिजनों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। हम इस बात से वाकिफ हैं कि इन युवकों को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया है।"
उन्होंने कहा कि एफबीआई इन युवकों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी सरकार के साथ भी मिलकर काम कर रही है।
वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास में मीडिया प्रभारी एस. एम. इमरान गरदजी ने कहा कि इन युवकों को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें मंगलवार को पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के सरगोधा इलाके से पकड़ा गया।
गरदजी ने उन हालातों का जिक्र नहीं किया जिनमें इन युवकों की गिरफ्तारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इन युवकों के पाकिस्तान का दौरा करने की वजह जानने के लिए जांच की जा रही है।
दूसरी ओर से यहां के प्रमुख समाचार पत्र 'वाशिंगटन पोस्ट' ने खबर दी है कि इन युवकों को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के एक आतंकवादी के घर से पकड़ा गया है। उल्लेखनीय है कि जैश-ए-मुहम्मद 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हमले का जिम्मेदार है और अमेरिका ने इसे आतंकवादी संगठनों की सूची में डाल रखा है।
'काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस' के कार्यकारी निदेशक निहाद अवाद ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि पाकिस्तान में गिरफ्तार पांचों युवक अमेरिका के उत्तरी वर्जीनिया के रहने वाले हैं। इनके पास से 11 मिनट का एक वीडियो टेप बरामद किया गया जिसमें पश्चिमी जगत और मुस्लिम जगत के बीच कथित विवादों के उल्लेख की बात सामने आई है।
अवाद ने इस मसले पर ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी एजेंसियां इस की जांच कर रही हैं कि इन युवकों के अमेरिका से पाकिस्तान जाने का मकसद क्या था।
इन पांचों युवकों के बारे में पूछे जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को लेकर अमेरिका चिंतित है।
उधर, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इयान कैली ने कहा, "अगर वे अमेरिकी नागरिक हैं तो निश्चित तौर हम उन आरोपों और हालातों को जानना चाहेंगे जिनमें उन्हें पकड़ा गया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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