आंध्र में राजनीतिक संकट गहराया, 93 विधायकों का इस्तीफा (लीड-2)
विधानसभा अध्यक्ष किरण कुमार रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि रायलसीमा और आंध्र क्षेत्र के 93 विधायकों ने इस्तीफे दे दिए। ये विधायक तीन पार्टियों के हैं।
सत्ताधारी कांग्रेस के 53, मुख्य विपक्षी दल तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के 29 और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के 11 विधायकों ने अपना-अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है।
अध्यक्ष ने कहा कि कुछ विधायकों ने उनको व्यक्तिगत रूप से और कुछ ने फैक्स के जरिए इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि विधायकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने के बाद ही वह इस्तीफों पर फैसला लेंगे।
कांग्रेस और तेदेपा के 36 विधान परिषद सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है।
विरोधी तेवर अख्तियार करने वाले इन विधायकों और सांसदों ने सरकार के इस 'एकपक्षीय' निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी धमकी दी।
विजयवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद एल. राजगोपाल इस्तीफा देने वालों में सबसे आगे रहे। पार्टी के एक अन्य सांसद आर. संभासिवा राव ने भी इस्तीफा दे दिया है। दो अन्य सांसदों ने भी इस्तीफे की पेशकश की है लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार शाम नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश के आंध्र और रायलसीमा इलाके के पार्टी के सभी सांसदों की एक आपात बैठक बुलाई है।
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के विधायक जे. सी. दिवाकर रेड्डी सबसे पहले इस्तीफा देने वाले विधायकों में शामिल रहे। विधानसभा अध्यक्ष किरण कुमार रेड्डी को भेजे अपने इस्तीफे में रेड्डी ने कहा कि राज्य के बंटवारे के विरोध में वह विधानसभा से इस्तीफा दे रहे हैं।
आंध्र इलाके से आने वाले मुख्यमंत्री के. रोसैया ने इस्तीफों की पुष्टि की लेकिन उनकी संख्या नहीं बताई। दूसरी ओर तेदेपा अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू और पीआरपी प्रमुख के.चिरंजीवी ने अपने विधायकों को आपात बैठक बुलाई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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