नगर निगम की नई कर योजनाएं कार्यान्वित नहीं होंगी : महापौर

महापौर ने बजट के मौजूदा स्वरूप की आलोचना की है जिसमें करों में वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है।

कंवर सेन ने आईएएनएस से कहा, "नगर निगम का जो बजट बुधवार को पेश किया गया वह निगम आयुक्त के.एस. मेहरा के प्रस्ताव हैं, ऐसा विचार शासी निकाय का नहीं है। इस प्रस्ताव की जांच की जाएगी। करों में वृद्धि के प्रस्ताव को कार्यन्वित नहीं किया जाएगा।"

नगर निगम के आयुक्त ने बुधवार को नगर निगम 2010-11 के बजट अनुमान में कर में वृद्धि का प्रस्ताव किया था। जिसके तहत 30,000 से उपर आय वालों पर लगने वाले व्यावसायिक करों में वृद्धि की गई है। मेट्रो रेल सेवाओं की तरह बेहतर नागरिक सुविधाओं वाले क्षेत्रों में रिहायशी संपत्तियों पर कर लगाने की बात कही गई है। बजट अनुमान में वाणिज्यिक कर में भी वृद्धि का प्रस्ताव किया है।

महापौर ने स्पष्ट किया कि करों में की गई वृद्धि और अनावश्यक करों को लगाने से कर दाताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। राजधानी में आवश्यक वस्तुओं के दाम पहले ही बहुत बढ़े हुए हैं।

महापौर ने कहा कि निगम आयुक्त द्वारा पेश किया गया बजट केवल एक प्रस्ताव है। अगले साल जनवरी में होने वाली स्थायी समिति की बैठकों में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी।

नगर निगम के एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "नगर निगम के बजट पर अंतिम निर्णय फरवरी में लिया जाएगा। अधिकतर पार्षद और प्रशासनिक प्रमुख इस फैसले के पक्ष में नहीं हैं।"

गौरतलब हे कि पिछले साल नगर निगम ने विभिन्न स्रोतों से 526 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की आशा की थी लेकिन निगम अधिकारियों के अनुसार यह योजना सफल नहीं हो सकी। गौर करने वाली बात यह है कि इस वर्ष भी पुन: धन इकट्ठा करने के लिए उसी तरह की योजनाएं बनाई गई हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान बजट में नगर निगम की वार्षिक आय 6,346 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय से जुटाने की उम्मीद की गई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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