नेपाल में पत्रकार पर कातिलाना हमले से मीडियाकर्मियों में आक्रोश
राजशाही के दौरान लोकतंत्र के पक्ष में संघर्ष करने वाले एक प्रमुख मीडिया संगठन फेडरेशन ऑफ नेपालीज जर्नलिस्ट्स के बैनर तले राजधानी नेपाल और प्रमुख शहरों में धरना-प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। पत्रकारों ने जिला मुख्यालयों के समक्ष गोलबंद होकर इस हमले पर आक्रोश प्रकट किया।
स्थानीय रेडियो स्टेशन सिस्ने एफएम और कई नेपाली दैनिकों के लिए काम करने वाली स्थानीय पत्रकार तिका बिस्टा मंगलवार की शाम रुकिम जिले में बेहोशी की हालत में मिलीं। उनके सिर, बांहों एवं पैरों पर गहरे जख्म पाए गए। हमलावरों ने उनके लैपटॉप एवं मोबाइल फोन तोड़ दिए थे। वे बिस्टा को मृत समझकर वहां से फरार हो गए।
बिस्टा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें विमान के जरिए काठमांडू लाया गया। उनका माडल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। डाक्टरों के मुताबिक बिस्टा की हालत स्थिर है। मीडिया का आरोप है कि बिस्टा पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उन्होंने माओवादी पार्टी के खिलाफ लिखा था। न्यूयार्क स्थित कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट के एशिया कार्यक्रम के समन्वयक बॉब डीट्ज ने इस घटना पर चिंता जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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