प्रधानमंत्री ने कृषि और जल नीतियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया
यहां पांचवें एशियाई क्षेत्रीय सम्मेलन(एआरसी) का उद्घाटन करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि सिंचाई क्षमता में सुधार कृषि उत्पादकता एवं जल के सतत इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिहाज से अहम है।
'तकनीकी उन्नयन एवं बेहतर संचालन और रखरखाव के जरिए सिंचाई परियोजनाओं की क्षमता में सुधार' नामक विषय पर केंद्रित इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "अतिरिक्त सृजित सिंचाई क्षमता का उपयुक्त इस्तेमाल एक और अहम मसला है। अभी तक देश में सृजित सिंचाई क्षमता के 84 फीसदी हिस्से का ही इस्तेमाल होता है। इसका स्तर सुधारा जाना चाहिए।"
उन्होंने कृषि प्रौद्योगिकी में सुधार की जरूरतों पर भी बल दिया। खासकर, जल संरक्षण प्रयासों में तेजी एवं खेती के तरीकों में सुधार को उन्होंने देश में खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा, "प्रथम हरित क्रांति सार्वजनिक क्षेत्र में तकनीकी क्रांति का नतीजा थी, दूसरी हरित क्रांति का जन्म निजी क्षेत्र द्वारा विकसित प्रौद्योगिकियों से हो सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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