चीनी घुसपैठ पर भाजपा ने विदेश मंत्री को निशाना बनाया (लीड-1)
दरअसल, प्रश्न काल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि पिछले दो साल में चीन के ओर से कितने बार घुसपैठ की गई तो कृष्णा ने कहा, "घुसपैठ की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। मैं सम्मानित सदस्य के पास इसकी सूचना भेज दूंगा।"
जवाब से असंतुष्ट प्रसाद ने कहा, "मैंने 2008 और 2009 में हुई चीनी घुसपैठ की संख्या जानने के लिए एक विशेष प्रश्न पूछा था। मंत्री तैयार नहीं थे, उनके पास आंकड़े होने चाहिए थे।"
इस पर कृष्णा ने जवाब दिया, "मैं आपके और सदन के समक्ष आंकड़े प्रस्तुत करूंगा।"
इस पर अध्यक्ष हामिद अंसारी ने कहा, "यह एक आश्वासन है," और वह अगले प्रश्न की ओर बढ़ गए।
मुख्य प्रश्न का जवाब देते हुए कृष्णा ने कहा, "हाल के दिनों में घुसपैठ की घटनाओं में कोई वृद्धि नहीं हुई है। दोनों देश सीमा पर बिना किसी पूर्वाग्रह के शांति और सौहार्द बनाए रखने पर सहमत हैं।"
उन्होंने कहा, "सरकार मानती है कि सीमा विवाद एक द्विपक्षीय मुद्दा है और वह इस पर अन्य देशों या अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से कोई चर्चा नहीं करना चाहती है।"
घुसपैठ की घटनाओं से निपटने के तरीके के बारे में पूछे गए एक पूरक प्रश्न के जवाब में कृष्णा ने कहा, "एक ऐसी स्थापित प्रक्रिया है जिसके द्वारा क्षेत्र स्तर पर ही इससे निपटा जा सकता है। सीमा के संरेखण पर कुछ शंका है लेकिन चिंतित होने जैसी कोई बात नहीं है।"
सीमा मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत कहां तक आगे बढ़ी है पर कृष्णा ने कहा कि राजनीतिक, क्षेत्रीय और कूटनीतिक स्तरों पर इसके लिए बातचीत की जा रही है। उन्होंने कहा, "हाल ही में प्रधानमंत्री ने थाईलैंड में चीनी प्रधानमंत्री से विचार-विमर्श किया था।"
इस संदर्भ में उन्होंने दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच अब तक हुईं 13 बैठकों का उल्लेख करते हुए कहा, "वे दोबारा बैठक करेंगे। हम आशा करते हैं कि भविष्य में होने वाली बैठकों में हम एक शांतिपूर्ण समाधान निकाल सकेंगे।"
चीन द्वारा सीमा पर बढ़ाई जा रहीं बुनियादी सुविधाओं पर पूछे गए एक पूरक प्रश्न के जवाब में, कृष्णा ने कहा, "चीनी सरकार अपने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए उसी तरह स्वतंत्र है जिस तरह हम अपनी तरफ ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।"
यद्यपि, कृष्णा चीनी सरकार की आपत्ति के बाद भारत सरकार द्वारा लद्दाख में एक सड़क निर्माण कार्य रोके जाने पर पूछे गए प्रश्न का जबाव देने से कतराते रहे। उन्होंने महज इतना ही कहा, "हमने कभी नहीं कहा कि सीमा पर विवाद नहीं है।"
कश्मीर के उन हिस्सों जो चीन या पाकिस्तान के कब्जे में हैं, वहां सड़क निर्माण पर पूछे गए एक पूरक प्रश्न के जवाब पर कृष्णा का कहना था कि बीजिंग के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है।
उन्होंने कहा, "चीन ने स्वीकार किया है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है, जिसे भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय आधार पर सुलझाना होगा।"
मंत्री ने चीनी दूतावास द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के नागरिकों को नत्थी किया हुआ वीजा जारी करने को 'अस्वीकार्य' बताया।
कृष्णा ने कहा, "हमने एक निर्णय लिया है कि जब तक एक भारतीय पासपोर्ट पर वीजा का नत्थीकरण होगा तब तक कोई और दस्तावेज मान्य नहीं होगा। इसलिए वीजा का नत्थीकरण अस्वीकार्य है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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