मुर्गी के कुचलने पर चुकाने पड़ सकते हैं 25,000 रुपये!
सहरसा में अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन के साथ काम कर रहे उमेश गुप्ता ऐसी ही एक घटना को लेकर हर्जाना भर चुके हैं।
अपनी आपबीती सुनाते हुए उमेश गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, "मैं सहरसा से पटना जा रहा था। रास्ते में भारी यातायात जाम लगा हुआ था। एक घंटे के बाद जाम खुलने के बाद जैसे ही मेरे वाहन चालक ने गाड़ी आगे बढ़ाई उसी वक्त कार की चपेट में आने से एक बकरी की मौत हो गई। तुरंत ही बकरी मालिक ने मेरी कार रोककर मुझसे 16,000 रुपए की मांग की।"
दिल्ली के उमेश गुप्ता ने पहले तो उसकी मांग पर ध्यान नहीं दिया लेकिन जल्द ही कुछ लोगों के समूह ने उन्हें घेर लिया।
गुप्ता ने कहा " मैं बिल्कुल अकेला था और सात से आठ व्यक्तियोंे के एक समूह ने चारों तरफ से घेर लिया था। मैंने उनसे मोल भाव करने की कोशिश की लेकिन वे तैयार नहीं हुए। मैंने उनको पास रखे 5,000 रुपये दे दिए। इसके बाद शेष पैसे के लिए उन्होंने मेरी सोने की चेन, सोने की रिंग और मोबाइल फोन ले लिया।"
गुप्ता हालांकि अपना पैसा और आभूषण वापस पाने में सफल हो गए क्योंकि उसी गांव के कुछ लोग उनके साथ काम करते थे।
इसी तरह की एक घटना पेशे से चिकित्सक और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन के लिए काम करने वाले रजत सिंह के साथ पेश आई।
रजत ने कहा, "कुछ समय पहले बेगूसराय गांव में मेरी कार की चपेट में एक मुर्गी के आने के बाद मुझे एक ग्रामीण को 7,000 रुपये देने पड़े थे।"
रजत सिंह ने कहा कि बाहर से आने वाले लोगों से धन वसूलने का यह आसान तरीका है और वहां उनको रोकने वाला कोई नहीं है।
इंडो-एशियन-न्यूज सर्विस।












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