'पाक-अफगान सीमा इस्लामी चरमपंथ का केंद्र'

अरुण कुमार

वाशिंगटन, 9 दिसम्बर (आईएएनएस)। आतंकवाद विरोधी अमेरिकी मुहिम अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर इसलिए केंद्रित है, क्योंकि यह इलाका वैश्विक इस्लामी चरमपंथ का केंद्र है और अमेरिका पर 11 सितंबर को हुए आतंकी हमलों का स्रोत यही इलाका रहा है। यह कहना है अमेरिकी सेना के प्रमुख एडमिरल माइक मुलेन का।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन एडमिरल माइक मुलेन ने यहां विदेशी संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "अलकायदा अभी भी आतंकवादी साजिशें रच रहा है। खासकर अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद का नाभि केंद्र बना हुआ है। यही इलाका अमेरिका पर 11 सितंबर के आतंकवादी हमलों का स्रोत रहा है।"

उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में हम पर फिर हमला होता है तो मेरा पूरा यकीन है कि ऐसे हमले का स्रोत भी यही इलाका होगा । यहीं, ऐसे हमले की योजना बनाई जाएगी और यही इलाका हमले को अंजाम देने के लिए वित्तीय संसाधन मुहैया कराएगा। यही वजह है कि हम इस इलाके पर खास ध्यान केंद्रित करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस इलाके में आतंकवाद के खिलाफ अभियान को उच्च प्राथमिकता देना अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के व्यापक राष्ट्रीय हित में है।

मुलेन ने कहा कि चाहे मध्य एशिया हो या भारत, पाकिस्तान या फिर अफगानिस्तान सभी इस इलाके से जारी आतंकवाद से प्रभावित हैं। इसका असर वैश्विक है।

मुलेन ने आतंकवाद को वैश्विक समस्या बताते हुए इस इलाके को आतंकवाद का नाभि केंद्र करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालने के लिए सऊदी अरब समेत कई देशों के नेतृत्व के साथ समन्वय बेहद जरूरी है।

यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका तालिबान के साथ बातचीत के लिए सऊदी अरब की ओर से पहल चाहता है तो उन्होंने कहा, "हमारी रणनीति यह है कि जो कोई भी शांति की पहल करेगा हम उसका स्वागत करेंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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