राजखोवा, अन्य उल्फा नेता गिरफ्तार

इससे पहले राजखोवा और बरुआ ने अपने परिजनों सहित आठ अन्य लोगों के साथ मेघालय में समर्पण कर दिया था। आत्मसमर्पण करने वालों में राजखोवा और उसकी पत्नी कावेरी व दो बच्चे, राजू बरुआ और उसकी पत्नी व बच्चे, राजखोवा का निजी सुरक्षाकर्मी राजा बोरा एवं उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव साशा चौधरी की पत्नी व उनका पुत्र शामिल हैं। साशा पहले ही गिरफ्त में आ चुका है।
पत्नियों, बच्चों को कोर्ट में नहीं पेश करेंगे
आत्मसमर्पण करने वाले उल्फा नेताओं को एक हेलीकॉप्टर के जरिए गुवाहाटी लाया गया। इन लोगों को असम पुलिस की चौथी बटालियन के मुख्यालय में रखा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजखोवा, बरुआ और बोरा को शुक्रवार को ही एक स्थानीय अदालत में पेश किया जा सकता है, पंरतु उनकी पत्नियों और बच्चों को अदालत में पेश किए जाने की संभावना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की दावकी चौकी पर सुबह करीब छह बजे हथियार डाल दिए। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राजखोवा और अन्य ने बीएसएफ कमांडरों से संपर्क किया। उनका कहना था कि वे उल्फा से हैं और आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।"
आत्मसमर्पण का नाटकीय घटनाक्रम
खुफिया सूत्रों का कहना है कि आत्मसमर्पण का यह नाटकीय घटनाक्रम उल्फा नेताओं और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई शुरुआती बातचीत के बाद हुआ है। कहा जा रहा है कि पिछले दो दिनों में उल्फा की ओर से संप्रभुता की मांग पर राजखोवा के अड़े होने के कारण सरकार के साथ वार्ता असफल रही।
पहले की खबरों में कहा गया था कि राजखोवा को बांग्लादेश की पुलिस ने गिरफ्तार कर भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने गुरुवार को कहा था कि 'एक बड़ी सफलता' हाथ लग चुकी है और राजखोवा के बारे में अगले कुछ दिनों या घंटे में ही पता लग जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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